
पुलिस की पहल से मासूमों के चेहरे पर खिली मुस्कान।
कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक 2 मई : जिला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन स्माइल” के तहत मानवीय संवेदनाओं का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया गया है। पुलिस अधीक्षक चन्द्र मोहन के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में माह अप्रैल में “ऑपरेशन स्माइल” चलाया गया। एक माह के दौरान पुलिस टीमों ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए कुल 34 बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराया तथा 1 बच्चे को भीख मांगने की स्थिति से रेस्क्यू किया। ऑपरेशन के दौरान 2 गुमशुदा बच्चों को तलाश किया गया। इसके साथ-साथ जिला प्रशासन के साथ मिलकर 5 स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाये गए। अभियान के तहत विभिन्न थाना क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाए गए, जिनमें औद्योगिक इकाइयों, ढाबों, बाजारों तथा सार्वजनिक स्थानों पर काम कर रहे नाबालिग बच्चों की पहचान की गई। इसके अलावा सड़कों, ट्रैफिक सिग्नलों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में भीख मांग रहे बच्चों को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर बाल कल्याण समितियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
पुलिस अधीक्षक चन्द्र मोहन ने बताया कि “ऑपरेशन स्माइल” का मुख्य उद्देश्य बच्चों को शोषण, उपेक्षा और असुरक्षित वातावरण से निकालकर उन्हें शिक्षा और बेहतर जीवन की ओर अग्रसर करना है। उन्होंने कहा कि बाल मजदूरी और भिक्षावृत्ति जैसी कुरीतियों के खिलाफ समाज और पुलिस का संयुक्त प्रयास अत्यंत आवश्यक है। रेस्क्यू किए गए बच्चों को संबंधित विभागों एवं बाल कल्याण संस्थाओं के सहयोग से पुनर्वास प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है, ताकि उन्हें शिक्षा, संरक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
जिला पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि यदि कहीं भी नाबालिग बच्चों से मजदूरी करवाई जा रही हो या वे भीख मांगते नजर आएं, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।


