घने जंगलों, पहाड़ों और दुर्गम रास्तों के बीच गांव में पहली बार पहुँची बिजली
सुन्नम लक्ष्मी ने कहा गांव में बिजली पहुंचना किसी चमत्कार से काम नहीं

सुकमा, 03 मई 2026/ जिले के कोंटा विकासखंड अंतर्गत घने जंगलों, पहाड़ों और दुर्गम रास्तों के बीच बसे पुसगुड़ा गांव में आखिरकार वर्षों बाद बिजली पहुंच गई है। यह वही घोर नक्सल प्रभावित रहा गांव है, जो अब तक नक्शे पर तो मौजूद था, लेकिन विकास की रोशनी से कोसों दूर था। पहली बार जब गांव के घरों में बल्ब जले तो यह सिर्फ बिजली का कनेक्शन नहीं था, बल्कि ग्रामीणों के जीवन में बदलाव की शुरुआत थी। गांव के बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर चेहरे पर खुशी और उम्मीद साफ दिखाई दी।
पुसगुड़ा गांव जिला मुख्यालय सुकमा से लगभग 108 किलोमीटर दूर स्थित है, लेकिन यहां पहुंचना किसी सामान्य सफर जैसा नहीं। कच्चे रास्ते, पहाड़ी चढ़ाई, घने जंगल और बरसात में दलदल बन जाने वाली पगडंडियां इस गांव को वर्षों तक मुख्यधारा से काटे रहीं। ऐसे क्षेत्र में बिजली पहुंचाना तकनीकी कार्य से ज्यादा साहस और संकल्प का काम था। प्रशासन ने इस चुनौती को प्राथमिकता में रखते हुए इसे मिशन मोड में पूरा कराया।
कलेक्टर श्री अमित कुमार ने बताया कि पुसगुड़ा तक बिजली पहुंचाना सिर्फ एक तकनीकी कार्य नहीं था, बल्कि यह प्रशासन की प्रतिबद्धता और जनहित के संकल्प की परीक्षा थी। घने जंगल, दुर्गम पहाड़ और कठिन रास्तों के बावजूद हमारी टीम ने मिशन मोड में कार्य कर यह सुनिश्चित किया कि विकास की रोशनी गांव के अंतिम घर तक पहुंचे। आज पुसगुड़ा में पहली बार बल्ब जलना केवल उजाला नहीं है, बल्कि यह बच्चों के भविष्य, परिवारों की सुविधा और गांव के आत्मविश्वास का नया सूरज है। शासन की प्राथमिकता है कि जिले के हर दूरस्थ और कठिन क्षेत्र तक बिजली, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जाएं, ताकि कोई भी गांव विकास की मुख्यधारा से पीछे न रहे।
पुसगुड़ा निवासी श्रीमती सुन्नम लक्ष्मी ने खुशी जताते हुए कहा कि “हमारे गांव में बिजली का आना किसी चमत्कार से कम नहीं है।” अब गांव में टीवी, पंखा, मोबाइल चार्जिंग और रात में पढ़ाई जैसी सुविधाएं संभव हो सकेंगी। वर्षों से लालटेन और सीमित साधनों पर निर्भर जीवन अब धीरे-धीरे आधुनिक सुविधाओं की ओर बढ़ेगा। पुसगुड़ा में बिजली पहुंचना प्रशासन की उस सोच का प्रतीक है, जिसमें अंतिम छोर पर बसे परिवारों तक भी विकास को समान अधिकार के साथ पहुंचाया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड सुकमा संभाग द्वारा इस कार्य को ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में पूरा किया गया। कार्यपालन अभियंता श्री हिलोन ध्रुव ने बताया कि कई जगहों पर मशीनें नहीं पहुंच सकीं, ऐसे में खंभे, तार और सामग्री मानव श्रम और स्थानीय सहयोग से जंगलों-पहाड़ियों के बीच पहुंचाई गई। विभागीय टीम ने कठिन परिस्थितियों में लाइन विस्तार, पोल स्थापना और कनेक्शन कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा किया। इस परियोजना के तहत गांव के 106 ग्रामीणों को पहली बार विद्युत कनेक्शन दिया गया। पुसगुड़ा निवासी ग्रामीण मुंदराजू, सुन्नम रामे, तोड़म सच्चू, सुन्नम क्रांति, अनीगी मुथम्मा, सुन्नम कन्नी, माड़वी वीरा ने गांव में बिजली कि सुविधा पहुँचाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया।


