
लोकेशन रायबरेली
रिपोर्टर विपिन राजपूत
राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर AIIMS रायबरेली में राष्ट्रीय CME का आयोजन
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) रायबरेली के सामुदायिक चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर “नेशनल ऑनलाइन CME ऑन डेंगू: पब्लिक हेल्थ एंड क्लिनिकल पर्सपेक्टिव्स” का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “कम्युनिटी पार्टिसिपेशन फॉर डेंगू कंट्रोल: चेक, क्लीन एंड कवर” रखा गया।
इस राष्ट्रीय CME का आयोजन संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. डॉ. अमिता जैन के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में देशभर से चिकित्सकों, जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों, फैकल्टी सदस्यों, रेजिडेंट्स एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया तथा डेंगू की महामारी विज्ञान, निदान, क्लिनिकल प्रबंधन, राष्ट्रीय नियंत्रण रणनीतियों एवं नवीनतम अपडेट्स के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के आयोजन अध्यक्ष एवं सामुदायिक चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. भोला नाथ ने डेंगू की रोकथाम से संबंधित नवीनतम अपडेट्स एवं सामुदायिक भागीदारी की भूमिका पर विस्तृत व्याख्यान दिया। वहीं आयोजन सचिव डॉ. नीरज पवार, एसोसिएट प्रोफेसर, ने राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NCVBDC/NVBDCP) के अंतर्गत सरकार द्वारा संचालित रणनीतियों एवं डेंगू नियंत्रण कार्यक्रमों की जानकारी साझा की।
सामुदायिक चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. मुकेश शुक्ला ने डेंगू के वैश्विक एवं भारतीय परिप्रेक्ष्य में महामारी विज्ञान (Epidemiology) पर विस्तृत जानकारी दी तथा रोग के बढ़ते सार्वजनिक स्वास्थ्य महत्व पर प्रकाश डाला। AIIMS रायबरेली की कार्यकारी निदेशक प्रो. डॉ. अमिता जैन ने डेंगू संक्रमण के निदान के प्रमुख पहलुओं पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया और समय पर पहचान एवं उचित जांच की महत्ता बताई। मेडिसिन विभाग के डॉ. सागर सुभाष नानावरे ने डेंगू के क्लिनिकल प्रबंधन, चेतावनी संकेतों एवं उपचार संबंधी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की।
कार्यक्रम में डॉ. नंदिनी ने डेंगू से जुड़ी भ्रांतियों एवं मिथकों पर व्याख्यान दिया तथा आमजन को वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर जागरूक रहने का संदेश दिया। विशेषज्ञों ने “चेक, क्लीन एंड कवर” संदेश के माध्यम से लोगों को मच्छरजनित रोगों की रोकथाम हेतु जागरूक किया। CME का उद्देश्य डेंगू के प्रति वैज्ञानिक समझ को मजबूत करना तथा जनभागीदारी के माध्यम से रोग नियंत्रण को बढ़ावा देना था।


