
कुवि के सीडीओई के ऑनलाइन इंटर्नशिप प्रोग्राम युवाओं के करियर को देंगे नई दिशा, 50 से अधिक रोजगारपरक कोर्स शुरू
एनईपी-2020 के तहत विद्यार्थियों को मिलेगा उद्योग आधारित प्रशिक्षण, 4 से 6 सप्ताह के ऑनलाइन इंटर्नशिप प्रोग्राम में मिलेगा प्रमाण पत्र।
कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक 16 मई : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (सीडीओई) द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत विद्यार्थियों को रोजगारपरक एवं उद्योग आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ऑनलाइन इंटर्नशिप प्रोग्राम शुरू किए गए हैं। कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में शुरू की गई इस अभिनव पहल के अंतर्गत विद्यार्थियों को डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एनालिटिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, मैनेजमेंट, नेतृत्व विकास तथा संचार कौशल जैसे आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। विश्वविद्यालय ने यूजीसी की इंडस्ट्री कनेक्ट पहल के अंतर्गत अपग्रेड (नचळतंक) के सहयोग से इन इंटर्नशिप कार्यक्रमों को प्रारंभ किया है।
कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और केवल पारंपरिक डिग्री पर्याप्त नहीं है। उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी दक्षता, नेतृत्व क्षमता और व्यवहारिक कौशल अत्यंत आवश्यक हो गए हैं। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करना तथा उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 विद्यार्थियों को अनुभवात्मक शिक्षा और कौशल आधारित प्रशिक्षण से जोड़ने पर बल देती है और विश्वविद्यालय उसी दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।
प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए अनुभवात्मक शिक्षा और इंटर्नशिप को विशेष महत्व दिया गया है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित करने का कार्य कर रहा है। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक अनुभव, तकनीकी दक्षता और रोजगार के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करना है।
केन्द्र की निदेशिका प्रो. मंजूला चौधरी ने बताया कि सीडीओई द्वारा संचालित सभी इंटर्नशिप 4 से 6 सप्ताह की अवधि की होंगी तथा पूरी तरह ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएंगी, जिससे विद्यार्थी अपनी सुविधा और समयानुसार अध्ययन कर सकेंगे। प्रत्येक कोर्स की फीस 3,284 रुपये निर्धारित की गई है। कोर्स पूर्ण करने के बाद विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा, जो उनके करियर और रोजगार संभावनाओं को मजबूत करने में सहायक होगा।
प्रो. मंजूला चौधरी ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा शुरू किए गए कार्यक्रमों में डेटा एवं एनालिटिक्स श्रेणी के कोर्स विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इन श्रेणियों में एडवांस्ड मशीन लर्निंग, बिग डेटा एनालिटिक्स, डेटा विजुअलाइजेशन, डेटा स्ट्रक्चर्स, पाइथन फॉर एमएल, डीप लर्निंग एंड एडवांस्ड एआई, फंडामेंटल्स ऑफ मशीन लर्निंग, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग एंड रिइनफोर्समेंट लर्निंग, डाटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम्स (एसक्यूएल), डेटा एनालिसिस इन एक्सेल, बिजनेस एनालिटिक्स एंड प्रॉब्लम सॉल्विंग, हाइपोथेसिस टेस्टिंग तथा इन्फेरेंशियल स्टैटिसटिक्स जैसे आधुनिक कोर्स शामिल किए गए हैं। इन कोर्सों के माध्यम से विद्यार्थियों को डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, बिजनेस इंटेलिजेंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में उद्योग आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रो. मंजूला चौधरी ने बताया कि इसी प्रकार टेक श्रेणी के अंतर्गत एडवांस्ड बैकेंड डेवलपमेंट विद नोड एंड एक्सप्रेस, एडवांस्ड फ्रंटेंड डेवलपमेंट विद रिएक्टजेएस, एडवांस्ड सिस्टम एंड सॉफ्टवेयर डिजाइन, बैकेंड डेवलपमेंट एसेंशियल्स, क्रॉस-प्लेटफॉर्म मोबाइल ऐप डेवलपमेंट विद रिएक्ट नेटिव, डेवऑप्स एंड डिप्लॉयमेंट, डेटा स्ट्रक्चर्स तथा ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग इन जावा जैसे कोर्स शामिल किए गए हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को वेब डेवलपमेंट, मोबाइल एप्लीकेशन डेवलपमेंट, सॉफ्टवेयर डिजाइन और प्रोग्रामिंग तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे वे आधुनिक आईटी उद्योग की मांगों के अनुरूप तैयार हो सकेंगे।
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि मैनेजमेंट श्रेणी में ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट, लीडरशिप स्किल्स फॉर पीएम, मार्केट एंड यूजर रिसर्च, प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स, प्रोडक्ट एनालिटिक्स एंड एंगेजमेंट, प्रोडक्ट डिजाइन एंड प्रोटोटाइपिंग, प्रोडक्ट मैनेजमेंट प्रिपरेटरी कोर्स, प्रोडक्ट प्लानिंग एंड डेवलपमेंट, सॉफ्ट स्किल्स फॉर पीएम तथा सप्लाई चेन स्ट्रेटेजीज एंड डिसीजन्स जैसे उद्योग आधारित कोर्स शुरू किए गए हैं। इन कोर्सों के माध्यम से विद्यार्थियों को संगठन प्रबंधन, नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क, उत्पाद विकास तथा निर्णय लेने की प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी।
प्रो. पूनिया ने बताया कि लीडरशिप श्रेणी के अंतर्गत विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और संचार कौशल को सशक्त बनाने के उद्देश्य से बिल्डिंग पार्टनरशिप्स, बिल्डिंग प्रेजेंस, डिकोडिंग अदर्स, डिस्कवरिंग पर्पस, एम्ब्रेसिंग चेंज, एस्टेब्लिशिंग ट्रस्ट, एक्सपैंडिंग नेटवर्क्स, लीडिंग सेल्फ, लिसनिंग एक्टिवली, मेकिंग डिसीजन्स, मैनेजिंग टीमवर्क, मैनेजिंग द हाइब्रिड वर्कप्लेस, मास्टरिंग डिजाइन थिंकिंग, नेविगेटिंग वर्कप्लेस, नेगोशिएटिंग वाइजली, प्रैक्टिसिंग एक्सीलेंस, स्पीकिंग इफेक्टिवली, अनलीशिंग क्रिएटिविटी तथा राइटिंग प्रोफिशिएंटली जैसे कोर्स शामिल किए गए हैं। इन कार्यक्रमों से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, प्रभावी संवाद कौशल, रचनात्मक सोच और आत्मविश्वास का विकास होगा।
प्रो. मंजूला चौधरी ने बताया कि ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया के तहत विद्यार्थियों को आवेदन पत्र भरते समय एबीसी आईडी सहित आवश्यक जानकारी देनी होगी। इसके बाद विद्यार्थी अपनी रुचि और करियर आवश्यकताओं के अनुसार कोर्स का चयन कर सकेंगे। पंजीकरण पूर्ण होने के बाद विद्यार्थियों को ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म पर अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने विद्यार्थियों से इन कार्यक्रमों का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपने कौशल और करियर संभावनाओं को मजबूत करने का आह्वान किया है।


