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कुरुक्षेत्र,16 मई : विश्व उच्च रक्तचाप दिवस के अवसर पर आयोजित उच्च रक्तचाप लीग और स्वास्थ्य शिविर में लोगों ने भाग लेकर विभिन्न स्वास्थ्य जांचों का लाभ उठाया। सीनियर फिजिशियन एवं डायबिटीज स्पेशलिस्ट डॉ. आशीष अनेजा ने बताया कि शिविर में ब्लड शुगर,ब्लड प्रेशर, बोन डेंसिटी, हीमोग्लोबिन,थायराइड हार्मोन, लीवर जांच, न्यूरोपैथी सहित कई परीक्षण नि:शुल्क किए गए। उन्होंने बताया कि विश्व उच्च रक्तचाप दिवस प्रत्येक वर्ष 17 मई को मनाया जाता है और वर्ष 2026 की थीम “उच्च रक्तचाप को मिलकर नियंत्रित करें और नियमित रूप से अपने रक्तचाप की जांच करें, इस मूक हत्यारे को हराएं” रखी गई है। इस दिवस का उद्देश्य उच्च रक्तचाप के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और समय रहते इसकी पहचान एवं नियंत्रण के लिए प्रेरित करना है। डॉ. अनेजा ने कहा कि उच्च रक्तचाप को “साइलेंट किलर” या “मूक हत्यारा” कहा जाता है, क्योंकि इसके शुरुआती चरण में अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। डब्लूएचओ के अनुसार दुनिया भर में 1.5 अरब से अधिक लोग उच्च रक्तचाप से प्रभावित हैं, जिनमें से आधे से ज्यादा लोगों को अपनी बीमारी की जानकारी तक नहीं होती। उन्होंने बताया कि उच्च रक्तचाप के प्रमुख कारणों में अधिक नमक का सेवन, शारीरिक गतिविधि की कमी, धूम्रपान, शराब का सेवन, तनाव, मोटापा, बढ़ती उम्र तथा आनुवंशिक कारण शामिल हैं। समय पर उपचार नहीं मिलने पर यह हृदयाघात, स्ट्रोक और किडनी फेल होने जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। उच्च रक्तचाप से बचाव के लिए उन्होंने नियमित योग एवं व्यायाम, संतुलित आहार, ताजे फल और हरी सब्जियों का सेवन, तनाव से दूरी, पर्याप्त नींद तथा नियमित ब्लड प्रेशर जांच की सलाह दी। उन्होंने कहा कि 40 वर्ष की आयु के बाद प्रत्येक व्यक्ति को हर छह महीने में स्वास्थ्य जांच अवश्य करवानी चाहिए, क्योंकि शीघ्र पहचान ही गंभीर जटिलताओं से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

