स्वरोजगार से विनयश्री लखपति दीदी बनने की ओर अग्रसर
पोल्ट्री व्यवसाय से गढ़ रहीं नई पहचान

बलरामपुर, 12 जून 2026/ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सतत प्रयास किए जा रहे हैं जहां स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर जनपद पंचायत बलरामपुर के ग्राम लुरघुटा की विनयश्री आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ी है। सीमित संसाधनों के बीच छोटे स्तर पर शुरू किए गए पोल्ट्री व्यवसाय को उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और बेहतर प्रबंधन के बल पर आय का सशक्त माध्यम बना लिया है। बैंक ऋण और स्वयं की बचत से पोल्ट्री इकाई आज उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है और वे लखपति दीदी बनने की दिशा में अग्रसर हो रही हैं।
विनयश्री ने बैंक लिंकेज के माध्यम से उन्हें 75 हजार रुपये का ऋण लिया और अपनी 25 हजार रुपये की बचत जोड़कर कुल एक लाख रुपये की पूंजी से सोनालीका नस्ल के 1000 चूजों के साथ पोल्ट्री व्यवसाय की शुरुआत की। बेहतर प्रबंधन से वर्तमान में पोल्ट्री इकाई सुव्यवस्थित रूप से संचालित हो रही है। वे बताती है कि अब तक 600 मुर्गियों की बिक्री से वे 81 हजार रुपये की आय अर्जित कर चुकी हैं। शेष चूजों के बढ़ने पश्चात बिक्री के बाद एक चक्र में लगभग 35 हजार रुपये का शुद्ध लाभ मिलने की संभावना है। वे बताती है कि वर्ष में तीन चक्र पूरे होने पर उनकी आय एक लाख रुपये से अधिक पहुंचने का अनुमान है।
विनयश्री कहती है कि स्वयं सहायता समूह ने उन्हें आर्थिक मजबूती के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया है। अब वे अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के साथ भविष्य के लिए भी योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही हैं।
उल्लेखनीय है कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशानुसार एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में स्वयं सहायता समूह महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन चुके हैं। समूहों से जुड़ी महिलाएं न केवल अपनी आय बढ़ा रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।


