
कुरुक्षेत्र,प्रमोद कौशिक 13 जून : श्री दुर्गा देवी मंदिर पिपली, कुरुक्षेत्र के पीठाधीश और समर्थगुरु धारा हिमाचल के ज़ोनल कोऑर्डिनेटर आचार्य डॉ. सुरेश मिश्रा ने बताया कि समर्थगुरु धाम, मुरथल, हरियाणा के संस्थापक समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया जी के पावन सान्निध्य में बालोत्सव कार्यक्रम 8 जून से 13 जून 2026 तक बहुत धूमधाम से मनाया गया।
जिसमें बच्चों को ध्यान, प्रज्ञा, उत्सव के साथ मिडब्रेन एक्टिवेशन सिखलाया गया। आचार्य देवेन्द्र जी ने सभी बच्चों को प्रशिक्षण दिया। आँखों पर काली पट्टी बांधकर स्टेज पर बच्चों ने सुन्दर सुन्दर प्रतिभा दिखलाई। बच्चों की अद्भुत प्रतिभा देखकर सभी आश्चर्य चकित हो गये।
समर्थगुरू जी ने सभी अभिभावकों और बच्चों को आशीर्वाद दिये और बताया कि यह लिटल बुद्धा है।
बच्चें इस कार्यक्रम में उत्सव, ध्यान और प्रज्ञा सीखते है। बालोत्सव कार्यक्रम से सतयुगी बच्चें होंगे। अभी 21 वी सदी की उत्तरार्ध पीढ़ी तैयार हो रही है। यह आध्यात्मिक मेला है।
अन्य बच्चों की अपेक्षा में विशेष यह बच्चे समर्थगुरु धाम के आयोजित कार्यक्रम से ज़ोरबा दि बुद्धा बनेंगे। सनातन धर्म के सच्चे सन्त सिपाही बनेंगे।
जो डेस्टिनेशन कोऑर्डिनेटर आचार्य गगन के निर्देशन में शुरू हुआ। आचार्य कुलदीप ने सभी साधकों को सनातन धर्म की वैज्ञानिकता बताई। समर्थगुरु धाम के केंद्रीय संयोजक आचार्य दर्शन जी ने बताया कि समर्थगुरु धाम मुरथल , हरियाणा में अगले वर्ष बालोत्सव कार्यक्रम 1जून से 6 जून 2027 को होगा। बच्चों के माता पिता सिद्धार्थ ध्यान योग, सुरति योग, दाम्पत्य प्रज्ञा और वात्सल्य प्रज्ञा कार्यक्रम इस अवधि में कर सकते है।
आज ट्विटर के माध्यम से आदरणीय समर्थगुरू सिद्धार्थ औलिया ने विशेष बताया कि साक्षी का अर्थ है निराकार के तल पर,आत्मा के तल पर जीना-सब्जेक्टिव लिविंग। संसार हो या परमात्मा, दोनों के प्रति जागरण निराकार के तल पर ही संभव है।


