
काशी नरेश विवि, भदोही की कुलपति प्रो. उमा श्रीवास्तव होंगी मुख्य अतिथि,

विवि पठन-पाठन के साथ राष्ट्र निर्माण, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं मानवीय मूल्यों के विकास का केंद्र,
.. ………प्रो. संजीव कुमार
विश्वविद्यालय परिवार, शिक्षाविद एवं क्षेत्रवासी वीर शिरोमणि महाराजा सुहेलदेव की गौरवगाथा को करेगें नमन*
आजमगढ़। पूर्वांचल में उच्च शिक्षा, शोध, नवाचार एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता का नया केंद्र बनकर उभरा महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ अपनी स्थापना के पाँच वर्ष पूर्ण करने जा रहा है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा 15 जून 2026 को विश्वविद्यालय परिसर में भव्य “5वाँ स्थापना दिवस समारोह” आयोजित किया जाएगा।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी में बताया कि स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में काशी नरेश राजकीय विश्वविद्यालय, ज्ञानपुर (भदोही) की कुलपति प्रो. उमा श्रीवास्तव गरिमामयी उपस्थिति रहेंगी।
जनपदवासियों की विशेष मांग पर महाराजा सुहेलदेव विवि की स्थापना उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 5 अगस्त 2019 को की गई थी। विश्वविद्यालय ने वर्ष 2021-22 से अपनी शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन प्रारंभ किया और अल्प समय में ही पूर्वांचल के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों में अपनी पहचान स्थापित कर ली। आज यह विश्वविद्यालय आजमगढ़ एवं मऊ जनपद के सैकड़ों महाविद्यालयों को शैक्षणिक नेतृत्व प्रदान करते हुए लाखों विद्यार्थियों की आकांक्षाओं का केंद्र बन चुका है।वर्तमान में विश्वविद्यालय से 450 से अधिक संबद्ध महाविद्यालय जुड़े हुए हैं। विश्वविद्यालय परिसर एवं संबद्ध महाविद्यालयों में स्नातक, स्नातकोत्तर, विधि, कृषि, शिक्षा, प्रबंधन, विज्ञान, वाणिज्य, कला तथा शोध स्तर के 38 से अधिक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। बीते वर्षों में विश्वविद्यालय ने परीक्षा संचालन, डिजिटल मूल्यांकन, शोध गतिविधियों, नवाचार एवं स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
आधुनिक स्मार्ट कक्षाओं, समृद्ध पुस्तकालय, खेल सुविधाओं, संगीत भवन तथा शोध एवं नवाचार केंद्रों के विकास ने विश्वविद्यालय को नई पहचान प्रदान की है। भारतीय ज्ञान परंपरा और साहित्यिक शोध को प्रोत्साहन देने के लिए स्थापित रांगेय राघव शोधपीठ भी विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है। हाल के वर्षों में विश्वविद्यालय ने इन्क्यूबेशन एवं स्टार्टअप गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में उद्यमिता की भावना को भी प्रोत्साहित किया है।
वीर शिरोमणि महाराजा सुहेलदेव भारतीय इतिहास के ऐसे महानायक हैं जिन्होंने विदेशी आक्रमणकारी सैयद सालार मसूद के विरुद्ध संघर्ष कर राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा की थी। उनकी वीरता, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक समरसता के आदर्श आज भी युवाओं और समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
स्थापना दिवस समारोह का आयोजन 15 जून 2026 को पूर्वाह्न 11:30 बजे सेमिनार हॉल, फैसिलिटी सेंटर, विश्वविद्यालय परिसर, आजमगढ़ में किया जाएगा।
कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने वाला संस्थान नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण, सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय मूल्यों के विकास का केंद्र है। उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव के आदर्श युवाओं को साहस, नेतृत्व, संघर्ष और जनकल्याण की प्रेरणा देते हैं। स्थापना दिवस विश्वविद्यालय की उपलब्धियों के मूल्यांकन के साथ-साथ भविष्य की नई योजनाओं और संकल्पों का भी अवसर है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिक्षकगण, कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं, पूर्व छात्रों, शिक्षाविदों, जनप्रतिनिधियों एवं समाज के विभिन्न वर्गों के गणमान्य नागरिकों से समारोह में सहभागिता कर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने की अपील की है।


