
अहिल्याबाई का जीवन न्याय, सेवा और जनकल्याण की अद्भुत मिसाल है : गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद।
पाल धर्मशाला में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 301 वीं जयंती मनाई धूमधाम से।
थानेसर,प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 14 जून : ब्रह्मसरोवर स्थित पाल धर्मशाला में रविवार को लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 301 वीं जयंती समारोह धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण व अति विशिष्ट अतिथि महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने शिरकत कर माता अहिल्याबाई होल्कर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
विधानसभा स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने सामाजिक एकता, संस्कार एवं संगठन की शक्ति पर प्रेरणादायी विचार साझा किए गए। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर ने केवल पाल समाज के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण पिछड़े समाज के हक और उत्थान के लिए संघर्ष किया था। उनके इस योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने समाज के लोगों से आह्वान किया कि बेटों के साथ-साथ अपनी बेटियों को भी उच्च शिक्षित बनाएं, ताकि एक सशक्त समाज का निर्माण हो सके। कल्याण ने कहा लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का त्याग, सेवा और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के जीवन, उनके आदर्शों और समाज सेवा के कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई का जीवन न्याय, सेवा और जनकल्याण की अद्भुत मिसाल है। उन्होंने समाज के लोगों से उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मुख्यातिथि को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आत्म प्रकाश मनचंदा, पाल धर्मशाला के डीएनटी बोर्ड के चेयरमैन जयसिंह पाल, प्रदेश के ओबीसी मोर्चा के उपाध्यक्ष रमेश पाल नहौनी, प्रधान शमशेर सिंह, उपप्रधान जसबीर सिंह, चंदगी राम के अलावा अन्य मौजिज लोग व प्रदेश के कोने-कोने से समाज के लोग मौजूद थे।


