
दीपक शर्मा (जिला संवाददाता )
बरेली : मानसून की दस्तक से पहले शहर को जलभराव से बचाने के लिए नगर निगम ने नाला सफाई अभियान तेज कर दिया है। बुधवार को महापौर डॉ. उमेश गौतम ने नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, स्वास्थ्य एवं निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर नाला सफाई कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में विभिन्न जोनों के जूनियर इंजीनियरों (जेई) और सफाई निरीक्षकों से क्षेत्रवार स्थिति की जानकारी ली गई और अधूरे कार्यों पर जवाब-तलब किया गया।
बुधवार को नगर निगम में महापौर कार्यालय पर समीक्षा बैठक हुई। महापौर डा. उमेश गौतम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगले एक सप्ताह के भीतर वे स्वयं शहर के विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। यदि किसी क्षेत्र में नाला सफाई कार्य अधूरा, लापरवाहीपूर्ण या मानकों के विपरीत मिला तो संबंधित जेई और सफाई निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
219 नालों की सफाई की जिम्मेदारी, अलग-अलग विभागों को जिम्मा
बैठक में बताया गया कि शहर के कुल 219 नालों की देखरेख और सफाई की जिम्मेदारी दो विभागों को सौंपी गई है। इनमें स्वास्थ्य विभाग के जिम्मे 187 नाले हैं, जबकि निर्माण विभाग 32 नालों की निगरानी और सफाई का कार्य देख रहा है। कार्यों की नियमित मॉनीटरिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग के 8 सफाई निरीक्षक और निर्माण विभाग के 5 जूनियर इंजीनियर लगाए गए हैं। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अब तक करीब 50 प्रतिशत नालों की सफाई पूरी हो चुकी है। शेष नालों की तली झाड़ सफाई और गाद निकासी का काम तेजी से कराया जा रहा है ताकि बारिश शुरू होने से पहले जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त हो सके।
कागजों में नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए काम
महापौर ने अधिकारियों से कहा कि केवल रिपोर्टों में प्रगति दिखाने से काम नहीं चलेगा। वास्तविक स्थिति का आकलन मौके पर जाकर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह अपर नगर आयुक्त, मुख्य अभियंता और संबंधित अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा। जहां भी लापरवाही मिलेगी, वहां जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
नालों में कूड़ा डालने वालों पर चलेगा अभियान
बैठक में नालों के दोबारा चोक होने की समस्या पर भी चर्चा हुई। महापौर ने निर्देश दिए कि नालों में कूड़ा, प्लास्टिक और निर्माण मलबा डालने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए। ऐसे लोगों के चालान किए जाएं और दोबारा उल्लंघन मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि नगर निगम की ओर से सफाई कराने के बाद यदि कोई व्यक्ति नालों में कूड़ा डालकर जल निकासी व्यवस्था बाधित करता है तो उसकी जवाबदेही तय की जाएगी।
डलावघरों और ट्रंक लाइनों पर भी नजर
समीक्षा बैठक में डलावघरों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसी भी डलावघर पर कूड़े का अत्यधिक जमाव न होने पाए। साथ ही नालों के किनारे रखी ट्रंक लाइनों, निर्माण सामग्री और अन्य अवरोधों को हटाने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि बरसात के दौरान पानी की निकासी प्रभावित न हो।
मानसून से पहले जलभराव मुक्त शहर बनाने की तैयारी
मानसून से पहले सभी प्रमुख और सहायक नालों की सफाई पूरी कर ली जाएगी। महापौर ने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि बरसात के दौरान किसी भी इलाके में जलभराव की शिकायत नहीं आनी चाहिए। इसके लिए सभी विभाग समन्वय बनाकर काम करें और मॉनीटरिंग व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।


