
कोंडागांव, 27 अगस्त 2026/ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार 60 दिवसीय मेगा ड्राइव नालसा योजना 2026 के तहत ग्राम पंचायत तोतर, जिला कोंडागांव में लीगल एड क्लीनिक की स्थापना की गई। इस योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 7 जिलों का चयन किया गया है, जिसमें कोंडागांव भी शामिल है। कोंडागांव जिले में लीगल एड क्लीनिक की स्थापना के लिए ग्राम पंचायत तोतर का चयन किया गया।
लीगल एड क्लीनिक का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोंडागांव श्री खिलावन राम रिगरी द्वारा दीप प्रज्वलित एवं रिबन काटकर किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री पंकज चंद्रा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सुश्री प्रतिभा मरकाम, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोंडागांव सुश्री गायत्री साय, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री दीपक ठाकुर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री उत्तम महोबिया, अधिवक्ता श्री सुरेंद्र भट्ट, श्री तिलक पांडे, श्री नरेश कुमार नाईक तथा पंचायत के सरपंच श्रीमती संतोषी सोरी एवं सचिव श्रीमती सुनीता मरापी सहित अन्य अधिकारीगण एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री खिलावन राम रिगरी ने कहा कि लीगल एड क्लीनिक की स्थापना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके गांव में ही निःशुल्क कानूनी सहायता एवं उचित विधिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। कई बार जानकारी के अभाव में लोग अपनी कानूनी समस्याओं को लेकर उचित मंच तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे में लीगल एड क्लीनिक ग्रामीणों के लिए न्याय से जुड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति उसके न्याय पाने में बाधा नहीं बननी चाहिए। प्रत्येक पात्र व्यक्ति को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना विधिक सेवा प्राधिकरण की प्राथमिकता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपनी किसी भी कानूनी समस्या को छिपाएं नहीं, बल्कि लीगल एड क्लीनिक में अपनी समस्या बताकर उचित कानूनी सलाह एवं सहायता प्राप्त करें।
साथ ही यह भी बताया कि अगले 60 दिनों तक अधिकार मित्र रंजन कुमार बैध एवं लोकेश कुमार यादव लीगल एड क्लीनिक में उपस्थित रहकर ग्रामीणों की कानूनी समस्याएं सुनेंगे तथा उन्हें आवश्यक विधिक जानकारी और सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग करेंगे। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि वे निःसंकोच अपनी समस्याएं अधिकार मित्रों के समक्ष रखें और लीगल एड क्लीनिक की सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
उन्होंने आगे कहा कि ग्रामीणों को अपने कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं एवं विभिन्न विधिक प्रावधानों की जानकारी होना आवश्यक है। जागरूक नागरिक ही अपने अधिकारों की सही तरीके से रक्षा कर सकता है। इसी उद्देश्य से विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा गांव-गांव तक विधिक जागरूकता पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।
इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक श्री पंकज चंद्रा द्वारा साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को ऑनलाइन ठगी, साइबर अपराध, फर्जी कॉल एवं लिंक, ओटीपी साझा करने से होने वाले नुकसान तथा सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। साथ ही साइबर अपराध से बचाव के लिए सतर्क एवं जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
साथ ही सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोंडागांव सुश्री गायत्री साय ने कहा कि लीगल एड क्लीनिक ग्रामीणों के लिए कानूनी सहायता प्राप्त करने का सरल और सहज माध्यम है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणजन अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों की जानकारी रखें तथा किसी भी कानूनी समस्या की स्थिति में समय पर विधिक सहायता प्राप्त करें।
उन्होंने बताया कि 60 दिवसीय मेगा ड्राइव के दौरान अधिकार मित्र ग्रामीणों के बीच सक्रिय रहकर उनकी समस्याओं को समझेंगे और आवश्यकतानुसार उन्हें विधिक सेवा प्राधिकरण से जोड़ने का कार्य करेंगे। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे बाल विवाह, घरेलू हिंसा, महिला एवं बाल अधिकार, संपत्ति विवाद, साइबर अपराध सहित अन्य कानूनी मामलों में जागरूक रहें और जरूरत पड़ने पर लीगल एड क्लीनिक का सहयोग लें। इसके साथ ही अन्य अधिकारीगण,अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष एवं सरपंच के द्वारा भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में न्याय तक आमजन की पहुंच सुनिश्चित करना, निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराना तथा ग्रामीणों को उनके अधिकारों एवं साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना रहा।


