जनजातीय क्षेत्र के विकास के लिए एक प्रभावी रोडमैप तैयार हेतु आदि कर्मयोगी अभियान संचालित – विधायक श्री किरण सिंह देव

आदि कर्मयोगी अभियान के तहत ब्लाक स्तरीय मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण प्रारम्भ

जगदलपुर 28 अगस्त 2025/ जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के मुख्य तत्वाधान में आदि कर्मयोगी अभियान-रेस्पॉन्सिव गवर्नेंस प्रोग्राम के तहत डिस्ट्रिक्ट प्रोग्रेसिव लैब की शुरुआत पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी टाउन हॉल जगदलपुर में विधायक श्री किरण सिंह देव की उपस्थिति में विधिवत शुरुआत की। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनजातीय विकास और परिवर्तन के लिए व्यक्तियों और संस्थाओं को सशक्त बनाना है, ताकि जमीनी स्तर पर आ रही समस्याओं को जानकर उन्हें दूर करने के लिए एक प्रभावी योजना बनाई जा सके। साथ ही जनजातीय क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास करना है, जिसमें उनकी संस्कृति और विशिष्ट आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

       इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि की आसंदी से जगदलपुर के विधायक श्री किरण देव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विशेष मंशा के साथ इस अभियान की शुरुआत की है। जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने इस अभियान को पूरे देश में लागू करने की जिम्मेदारी ली है। इस प्रशिक्षण का मुख्य लक्ष्य जनजातीय क्षेत्र के विकास के लिए एक प्रभावी रोडमैप तैयार करना है। श्री देव ने कहा कि इस अभियान के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकार की सभी महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ जनजातीय बहुल क्षेत्रों में रहने वाले हर ग्रामीण तक पहुंचे।

        विधायक श्री देव ने आगे कहा कि अक्सर योजनाओं का कार्यान्वयन शहरों में बेहतर होता है, लेकिन  आदि  कर्मयोगी अभियान यह सुनिश्चित करेगा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी इनका क्रियान्वयन उच्च स्तर का हो। उन्होंने सभी मास्टर ट्रेनरों से इस विकास प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान देने का आग्रह किया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन ने प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र में कहा कि विकास कार्यों को करते समय आदिवासी क्षेत्रों की सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकास वहां की वास्तविक जरूरतों के हिसाब से होगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉरपोरेश के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, एमआईसी के सदस्य और अन्य जनप्रतिनिधिगण, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्री गणेश शोरी सहित जनप्रतिनिधिगण एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी सहित प्रशिक्षु उपस्थित थे।
        उल्लेखनीय है कि गुरुवार को टाउन हॉल में प्रारम्भ इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनरों को जनजातीय विकास के विभिन्न पहलुओं और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।  ये सभी मास्टर ट्रेनर विकास खंड स्तरीय मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण देंगे। इसके पश्चात स्वयं सेवकों को विकासखंड स्तरीय मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा। मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण के अंतर्गत आदिम जाति विभाग, शिक्षा विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, महिला बाल विकास, कृषि विभाग एवं वन विभाग के 70 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बस्तर जिले में सेवा पर्व और आदि कर्मयोगी अभियान के क्रियान्वयन के लिए भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा 377 ग्रामों का चयन किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

बस्तर बाढ़ प्रभावितों की हर संभव मदद करें सुनिश्चित - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

Thu Aug 28 , 2025
प्रभारी सचिव बाढ़ प्रभावित जिलों का भ्रमण कर राहत कार्यों का करें निरीक्षण –  मुख्यमंत्री श्री साय मुख्यमंत्री श्री साय ने बाढ़ प्रभावित जिलों की समीक्षा के दौरान दिए दिशा-निर्देश जगदलपुर, 28 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार […]

You May Like

Breaking News

advertisement