
नवीन जिंदल फाउंडेशन द्वारा कुरुक्षेत्र इंटरनेशनल स्किल सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में किसानों पशुपालकों से क्यूबा के डेलिगेशन ने किया संवाद।
नवीन जिंदल जैसे उद्योगपति को बताया देश की आर्थिक मजबूती की बुनियाद, स्किल सेंटर की हुई सराहना।
कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक 23 मई : नवीन जिंदल फाउंडेशन की ओर से संचालित कुरुक्षेत्र इंटरनेशनल स्किल सेंटर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें क्यूबा गणराज्य के राजदूत जुआन कार्लोस मार्सान एगुइलेरा और उप राजदूत ग्वाडालूपे डे रेग्ला फ्रोमेटा गोमेज ने बतौर मुख्यातिथि हिस्सा लिया। जबकि वशिष्ठ अतिथि के तौर पर जिला परिषद की चेयरपर्सन कंवलजीत कौर और कृषि वैज्ञानिक पदमश्री डॉ. हरिओम मौजूद रहे। कार्यक्रम में भारत और क्यूबा के बीच कृषि क्षेत्र की तकनीक के आदान-प्रदान को लेकर चर्चा हुई। क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों और पशुपालकों से बात करते हुए क्यूबा गणराज्य के राजदूत जुआन कार्लोस मार्सान एगुइलेरा ने कहा कि क्यूबा भारत को अपने मित्र राष्ट्र के रूप में देखता है। यहां कृषि ऊर्जा और आईटी का बहुत बड़ा नेटवर्क है। जिसे क्यूबा अपने साथ जोड़ना चाहता है। उन्होंने कहा कि क्यूबा में 60 प्रतिशत एनर्जी देश खुद बनाता है। जबकि 40 प्रतिशत का उसे भुगतान करना पड़ता है। जब सोवियत संघ से संबंध अच्छे थे। तब किफायती दर थी। लेकिन संबंधों में बदलाव के कारण अब दाम बढ़ने से देश पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार वाला आत्मनिर्भर भारत विश्व के लिए प्रेरणा है। जिससे तकनीक सीखने की जरूरत है। यहां नवीन जिंदल जैसे युवा उद्योगपति बिजली जैसी जरूरी चीजें पैदा करके अपने देश की आर्थिक प्रगति में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पड़ोसी होने के बावजूद भी अमेरिका से अपेक्षा के अनुरूप सहयोग नहीं मिल रहा। ऐसे में उन्हें भारत से बेहद उम्मीद है। क्यूबा में 55 प्रतिशत भूमि कृषि योग्य है। वहां की सरकार चाहती है कि भारत के किसान वहां खेती करें । क्यूबा में खेती करने पर किसानों को 25 साल के लिए जमीन फ्री लीज पर दी जाएगी। यदि 25 साल में उनका काम संतोषजनक रहा तो अगले 25 साल फिर उन्हें जमीन फ्री लीज पर मिलेगी। इसके बदले में 30 प्रतिशत फसल का हिस्सा क्यूबा के बेचना होगा। जबकि 70 प्रतिशत फसल वो अपनी मर्जी से एक्सपोर्ट कर सकेगा। साथ में क्यूबा सरकार उन्हें इन्वेस्टमेंट की 100 प्रतिशत सुरक्षा गारंटी भी मुहैया कराएगी। उन्होंने कहा कि क्यूबा और भारत के बीच भले ही 12 हजार किलोमीटर की दूरी हो। लेकिन दोनों के दिल एक दूसरे के बहुत करीब है। कृषि वैज्ञानिक पदमश्री डॉ. हरिओम ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता होगी यदि क्यूबा और भारत के बीच प्राकृतिक और उन्नत खेती जैसी तकनीकों का आदान- प्रदान होता है। केआईएससी की ओर से अभिषेक सहगल ने कहा कि नवीन जिंदल फाउंडेशन जल्द ही क्यूबियन कुरुक्षेत्र पार्टनरशिप एसोसिएशन बनाकर दोनों देशों के किसानों को जोड़ने का प्रयास करेगी ताकि एक बड़े सेमिनार के दौरान आपस में एक दूसरे से तकनीक एवं अनुभव साझा कर सके। कार्यक्रम के दौरान बिग नैनो वेंचर्स कंपनी की अधिकारी कोमल कालांतरी ने कंपनी की ओर से पशुओं की गर्भावस्था जांच करने के लिए तैयार की गई बिग नैनो प्रेगा डिटेक्शन किट का डेमो पशुपालकों को दिखाया और नवीन जिंदल फाउंडेशन की ओर से इस किट को उपस्थित किसानों में निशुल्क वितरित किया गया। किसानों ने कार्यक्रम आयोजित करने पर सांसद नवीन जिंदल का आभार व्यक्त करते हुए क्यूबा के प्रतिनिधिमंडल से कृषि, पशुपालन व मधुमक्खी पालन आदि पर सवाल जवाब किए।


