
श्री गगन सिंधाल मुख्य अतिथि के तौर पर पधारे और अपने कर कमलों द्वारा शब्बील की विधिवत तरीके से शुरुआत की
(पंजाब) फिरोजपुर 25 जून [कैलाश शर्मा जिला विशेष संवाददाता]=
मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अरुण पांडे ने बताया कि निर्जला एकादशी हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण और पुण्यदायी एकादशी मानी जाती है। यह ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आती है। इस दिन व्रत रखने वाला व्यक्ति बिना जल ग्रहण किए उपवास करता है, इसलिए इसे "निर्जला" कहा जाता है।
मान्यता है कि इस एकादशी का व्रत करने से वर्ष भर की सभी 24 (या अधिमास सहित 26) एकादशियों के व्रत का फल प्राप्त होता है।
उन्होंने बताया कि भगवान श्री विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस व्रत से आयु, स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि, जलदान, फलदान,पंखादान, वस्त्रदान और जरूरतमंदों की सहायता का इस दिन विशेष महत्व बताया गया है।
निर्जला एकादशी भगवान श्री विष्णु की कृपा प्राप्त करने, पापों से मुक्ति और सभी एकादशियों के समान पुण्य फल देने वाली सबसे महत्वपूर्ण एकादशियों में से एक मानी जाती है।
श्री राधा कृष्ण मंदिर हनुमान धाम फिरोजपुर में श्री दविंदर बजाज, प्रधान, की अध्यक्षता में ठंडे-मीठे जल की शबील लगाई गई। श्री गगन सिंघाल फिरोजपुर के उद्योगपति ने अपने कर कमलों द्वारा शब्बील की शुरुआत की श्री विष्णु हरि जी का आशीर्वाद प्राप्त किया और सैकड़ो लोगों ने कड़ाके की गर्मी को देखते हुए शब्बीर का जल ग्रहण किया।
इस अवसर पर विनोद नरूला, सूरज प्रकाश शर्मा, मुलख राज कपूर, कैलाश शर्मा, अनुराग ऐरी, अश्विनी शर्मा C2, विशाल शर्मा, चेतन शर्मा, पुजारी पंडित अरुण पांडे, मोतीराम तिवारी, रूपलाल, प्रवेश कुमार,दविंदर कपूर एवं सुरिंदर सिंह बगे के पिपल ने भी शब्बील वितरण करने में अपनी सेवा निभाई।


