
विशेषज्ञ डॉ. राम जी जयमल, नवीन जिन्दल फाउंडेशन टीम, स्वर्ग धाम समिति के सदस्यों और गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में कार्यप्रणाली की होगी जांच।
थानेसर, प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 28 अप्रैल : सांसद नवीन जिन्दल की पहल पर सेक्टर-5 स्थित स्वर्ग धाम में निर्मित पहले हरित शवदाह गृह का तकनीकी ट्रायल किया जाएगा। इस ट्रायल के दौरान बिना किसी डेड बॉडी के केवल चैम्बर में नियंत्रित रूप से आग जलाकर उसकी कार्यप्रणाली, विश्वसनीयता और उपयोग किए गए मैटेरियल की गुणवत्ता का परीक्षण किया जाएगा।
इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हरित शवदाह गृह में तापमान, वायु प्रवाह और संरचनात्मक मजबूती पूरी तरह से मानकों के अनुरूप है, ताकि भविष्य में शव का दाह संस्कार सुरक्षित, पूर्ण और पर्यावरण-अनुकूल तरीके से किया जा सके।
विशेषज्ञ डॉ. राम जी जयमल की देखरेख में किए जाने वाले इस परीक्षण में चैम्बर के अंदर तापमान की क्षमता, हीट रिटेंशन, धुएं के निष्कासन की व्यवस्था और उपयोग किए गए फायरब्रिक्स व अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता का आकलन किया जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि कम संसाधनों में अधिकतम दक्षता के साथ दाह संस्कार की प्रक्रिया पूरी हो सके।
हरित शवदाह गृह पारंपरिक दाह संस्कार की तुलना में कम लकड़ी की खपत और कम कार्बन उत्सर्जन के सिद्धांत पर आधारित है। यह आधुनिक संरचना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे न केवल प्राकृतिक संसाधनों की बचत होगी, बल्कि वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी।
सांसद नवीन जिन्दल के कार्यालय प्रभारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि सांसद नवीन जिन्दल की इस पहल का उद्देश्य क्षेत्रवासियों को एक बेहतर, वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प उपलब्ध कराना है। इस ट्रायल के सफल होने के पश्चात इस हरित शवदाह गृह को उपयोग के लिए समर्पित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि हरियाणा में इस प्रकार के सैंकड़ों हरित शवदाहगृह प्रयोग में लाए जा रहे हैं। कुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र में यह पहला हरित शवदाह गृह है, इसकी सफलता के बाद पूरे क्षेत्र में ऐसे और हरित शवदाह गृह बनाकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाया जाएगा।


