
फिलीपींस पीएमओ के अधिकारियों एवं कौशल तथा तकनीकी शिक्षा से जुड़े 28 सदस्यीय प्रतिनिधमंडल ने किया श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के मॉडल का अवलोकन।
स्टूडेंट एक्सचेंज, संयुक्त सर्टीफिकेशन और फैकल्टी डेवलपमेंट सहित विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा, कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने किया विदेशी मेहमानों का भव्य स्वागत।
पलवल, प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 15 अप्रैल : फिलीपींस के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय का भ्रमण किया और स्किल आधारित दोहरे एजुकेशन मॉडल का अध्ययन किया। टेक्निकल एजुकेशन एन्ड स्किल डेवलपमेंट अथॉरिटी के इस प्रतिनिधिमंडल में फिलीपींस के प्रधानमंत्री कार्यकालय के प्रतिनिधियों के अलावा वहां के तकनीकी तथा कौशल शिक्षा से जुड़े अधिकारी और नीति निर्धारक शामिल थे। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय और फिलीपींस के प्रतिनिधिमंडल के बीच कौशल शिक्षा के क्षेत्र में भागीदारी को लेकर अहम चर्चा हुई। फिलीपींस एसवीएसयू के मॉडल की विशेषताओं को अपने यहां लागू करेगा और भविष्य में दोनों मिल कर स्टूडेंट्स एक्सचेंज और संयुक्त सर्टिफिकेशन जैसे क्षेत्रों में भी मिल कर काम कर सकते हैं। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने फिलीपींस के 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का भव्य स्वागत किया और कौशल शिक्षा के दोहरे एजुकेशन मॉडल के क्रियान्वयन में हर प्रकार से भागीदारी की पेशकश की। उन्होंने कहा कि यह भारत का पहला राजकीय कौशल विश्वविद्यालय है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन पर इसे बनाया गया है। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने बताया कि हम सेमीकंडक्टर, जेनरेटिव एआई, इंडस्ट्री 4.0 व विविध भाषाओं सहित स्किल आधारित 72 प्रोग्राम चला रहे हैं।
विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलगुरु तथा मुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्य अधिकारी डॉ. राज नेहरू ने कहा कि फिलीपींस के युवाओं में बहुत उत्साह है बस उन्हें स्किल की जरूरत है। उन्होंने फिलीपींस में अपने साल भर के प्रवास संबंधी अनुभव साझा करते हुए कहा कि वहां निवेश की अपार संभावनाएं हैं। एसवीएसयू स्पेशल स्किल सेट से लेकर स्टूडेंट्स एक्सचेंज, फैकल्टी डेवलपमेंट और अपने विषय विशेषज्ञों की सेवाएं प्रदान कर फिलीपींस के साथ साझीदारी को आगे बढ़ा सकता है। डॉ. राज नेहरू ने कहा कि इसमें असीम संभावनाएं हैं। अकादमिक अधिष्ठाता प्रोफेसर विक्रम सिंह ने फिलीपींस के प्रतिनिधिमंडल के सामने दोहरे स्किल एजुकेशन मॉडल का पूरा विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि देश का पहला राजकीय कौशल विश्वविद्यालय इंडस्ट्री से एकीकृत प्रोग्राम चलाता है। प्रोफेसर विक्रम सिंह ने बताया कि 150 से भी ज्यादा इंडस्ट्री पार्टनर इन प्रोग्राम में साझीदार हैं। प्रतिनिधमंडल में शामिल फिलीपींस पीएमओ परियोजना प्रबंधन कार्यालय के निदेशक डायर. गिल्बर्ट एम. कास्त्रो, एनआईटीईएसडी के निदेशक डायर. स्टीफन आई. सीजर की उपस्थिति में अधिकारियों ने इंडस्ट्री आधारित दोहरे एजुकेशन मॉडल और ऑन द जॉब ट्रेनिंग सहित कई अन्य आयामों पर खुल कर चर्चा की। उन्होंने कहा कि ओजेटी सहित कई विशेषताएँ एसवीएसयू को अन्य संस्थानों से अलग बनाती हैं।
विदेशी मेहमानों ने श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस का अवलोकन भी किया और विश्व स्तरीय प्रयोगशालाओं की सराहना की। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार और कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा ने विदेशी मेहमानों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। फिलीपींस के अधिकारियों ने भी कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार, संस्थापक कुलगुरु डॉ. राज नेहरू, कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा और अकादमिक अधिष्ठाता प्रोफेसर विक्रम सिंह को अपने पारम्परिक उपहार से सम्मानित किया।
इस प्रतिनिधिमंडल में पीएमओ की प्रशासनिक अधिकारी जेला माए ए. अर्कानो, डेनियल डेविड ओ., प्रौद्योगिकी अनुसंधान और विकास प्रभाग से व्लादिमिर जॉन पी., उद्यम-आधारित शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यालय से एटर्नी क्लिफोर्ड ई. पास्क्वाल, एल्ड्रिन डी. जंग्गे, जेर्विन एम. रोड्रिगेज़, जोसेफ ए. सैब-इट, नोरियल के. रामोस, रामिर डी. मोंटोया, नार्विन ई. सैंटियागु, कार्लो सी. सल्दीवार, राकेल ए. मिएन, यूजीन पी. अगकाओइली, रेजी बी. पल्लासिगुई, पोर्फेरियो सी. सेलेस्टियल, डॉनाबेले एफ. सोल्लेस्टा, प्रिमो वी. रेजिस, इंजी. रिकी पी. पियानडोंग, एर्विन लुईस एम. गातिना, इंजी. रोमिलान डी. उबाल्डे, पोम्मी बिस्वास, आरुषि माथुर और आईपीई के सहायक निदेशक गौरव वर्मा शामिल थे।
इस अवसर पर कॉन्सेन्ट्रिक्स नरेश मग्गू, जेसीबी की ओर से समीर, प्रेम नंदन यादव, डीन प्रोफेसर आशीष श्रीवास्तव, डीन प्रोफेसर सुचित्रा वशिष्ठ, डीन प्रोफेसर डीवी पाठक, प्रोफेसर सुनील गर्ग, प्रोफेसर सुरेश कुमार, प्रोफेसर ऊषा बत्रा, प्रोफेसर कुलवंत सिंह, संयुक्त निदेशक शिखा गुप्ता, एसएसआईएफ के सीईओ गौरव सिंह, डॉ. मनी कंवर सिंह, डॉ. सविता शर्मा, डॉ. श्रुति गुप्ता, डॉ. संजय राठौर, डॉ. रवींद्र कुमार, डॉ. पिंकी शर्मा, डॉ. प्रीति, डॉ. कल्पना माहेश्वरी और डॉ. दलीप रैना सहित काईन शिक्षक तथा अधिकारी उपस्थित थे।


