
91 वर्ष की उम्र में प्रीतम चंद इन्सां की आंखें दान।
पिहोवा,प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 28 मई : पिहोवा के गांव फूलगढ़ निवासी 91 वर्षीय प्रीतम चंद इन्सां की आंखे दो जिंदगियों को रोशन करने का काम करेंगी। डेरा सच्चा सौदा के सेवादार प्रीतम चंद इन्सां की मृत्यु के उपरांत उनकी आंखों का दान अर्पणा आई बैंक, मधुबन, करनाल में किया गया है। अर्पणा आई बैंक की डॉ. अनु के नेतृत्व में टीम प्रीतम चंद इन्सां की आंखे आई बैंक ले गईं। आंखों के दान के बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर पिहोवा के गणमान्य जनों के अलावा, परिजन, रिश्तेदार व बड़ी संख्या में डेरा सच्चा सौदा के सेवादार मौजूद थे। परिजनों के अनुसार बुधवार को प्रीतम चंद इन्सां पिहोवा से अपने गांव फूलगढ़ लौट रहे थे। इसी दौरान एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पिहोवा के एक निजी अस्पताल में पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके पुत्र हरि सिंह, गुलजार सिंह व बलकार सिंह ने बताया कि उन्होने जीते जी डेरा सच्चा सौदा में नेत्रदान का फार्म भरा हुआ था। उनकी इच्छा को पूरा करते हुए उन्होने उनकी आंखों का दान किया है ताकि दो जीवन रोशन हो सकें। वे अपने पीछे धर्मपत्नी मंगती देवी, पुत्र हरि सिंह, गुलजार सिंह, बलकार सिंह, पुत्रियां विमला देवी व गुलजारों देवी, पुत्रवधू कमलेश रानी, नरेश रानी, स्वर्णा देवी, पौत्र प्रिंस, अक्षत, कीर्तानसु, पौत्रियां पूजा, पूनम, शिल्पा, आयुषी तथा पड़पोते तानुष पाल व पड़पोती निशा को छोड़ गए हैं।
नेत्र लेने पहुंची टीम की डॉक्टर अनु ने बताया कि समाज में कई प्रकार की भ्रांतियां हैं कि नेत्रदान करने से अगले जन्म में नेत्रहीन रहना पड़ता है, जोकि सही नही हैं। डेरा सच्चा सौदा के सेवादार लगातार नेत्रदान व शरीरदान जैसे महान कर्म कर रहे हैं, जोकि अति सराहनीय कदम है। मौके पर पहुंच कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता सतनाम सिंह विर्क ने कहा कि आधुनिक समय में लोग समय पर अपनों को भी भूल जाते हैं लेकिन डेरा सच्चा सौदा के सेवादार लगातार शरीरदान व नेत्रदान जैसे महान कार्य कर रहे हैं। वे सैल्यूट करते हैं, डेरा श्रद्धालुओं की ऐसी सेवा को। इस मौके पर समाजसेवी राजेश चहल, संतोष सुरमी, संदीप अग्रवाल, वासुदेव, रामपाल बटेड़ी, बीरा राम, अशोक, बाबा रामदास, राकेश अग्रवाल, बलजीत इस्माईलाबाद, कृष्ण इन्सां, सतीश व कश्मीरी समेत सैंकड़ों लोग मौजूद थे।


