
आजमगढ़।
जनपद के देवगांव थाना क्षेत्र के इस्माईलपुर बरहती ग्राम में आपसी बंटवारे के बाद पैतृक मकान पर अवैध कब्जे और जान से मारने की धमकी देने का एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित भाई ने पुलिस अधीक्षक (SP) को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय और जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
दिल्ली जाने का फायदा उठाकर घर में लूटपाट और कब्जा
ग्राम इस्माईलपुर बरहती निवासी पीड़ित रिपुशूदन गौतम पुत्र स्व. बसंत गौतम ने एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनका उनके सगे भाई त्रिभुवन गौतम के साथ करीब 20 वर्ष पहले ही पैतृक संपत्ति व मकान का कानूनी रूप से बराबर का बंटवारा हो चुका था।
बंटवारे के बाद पीड़ित रिपुशूदन आजीविका के सिलसिले में अपने परिवार के साथ दिल्ली चले गए थे। पीड़ित का आरोप है कि उनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर उनके भाई त्रिभुवन, प्रमीला (पत्नी त्रिभुवन), सूरज कुमार, गौरव कुमार (पुत्रगण त्रिभुवन) और ज्योति (पत्नी सूरज कुमार) ने मिलकर उनके घर का ताला तोड़ दिया।
सामान की लूट और तोड़फोड़: विपक्षियों ने घर के भीतर रखा सारा कीमती सामान लूट लिया।
अवैध कब्जा: विरोध स्वरूप घर के बाहर रखी खटिया-मचिया आदि को तोड़कर फेंक दिया गया और पूरे मकान पर अकेले अवैध रूप से कब्जा कर लिया।
विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी
पीड़ित के अनुसार, जब उन्होंने गांव लौटकर इस अवैध कब्जे का कड़ा विरोध किया और अपने हिस्से के मकान की बात की, तो आरोपी भाई और उसके परिवार के लोग अत्यधिक उग्र हो गए। आरोपियों ने सरेआम पीड़ित के साथ गाली-गलौज की और पूरे परिवार को “जान से मार देने” की सीधे तौर पर धमकी दी।
”विपक्षियों का रवैया पूरी तरह से आपराधिक और आक्रामक है। इस घटना के बाद से मेरा पूरा परिवार अत्यंत डरा और सहमा हुआ है। हमें आशंका है कि संपत्ति के लालच में विपक्षी हमारे साथ कोई भी अप्रिय घटना या जानलेवा हमला कर सकते हैं।”
— रिपुशूदन गौतम (पीड़ित)
एसपी से तुरंत FIR दर्ज करने की मांग
पीड़ित रिपुशूदन गौतम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक से करबद्ध प्रार्थना की है कि उक्त सभी आरोपी विपक्षियों के खिलाफ सुसंगत और गंभीर धाराओं के तहत तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए। साथ ही, उन्होंने अपनी पैतृक संपत्ति पर पुनः कब्जा दिलाने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कानूनी कार्यवाही किए जाने की मांग की है।

