मत्स्य पालन विभाग द्वारा दिए गए तकनीकी ज्ञान, प्रशिक्षण और योजनाओं से मिली सफलता

मिश्रित मत्स्य एवं झींगा पालन से मां दुर्गा समिति को मिल रही लगभग साढ़े तीन लाख रुपए वार्षिक आय

महासमुंद 23 मार्च 2026/ जय माँ दुर्गा मत्स्य सहकारी समिति मर्यादित, किशनपुर को मत्स्य पालन विभाग द्वारा प्रदान किए गए तकनीकी ज्ञान, प्रशिक्षण और विभिन्न योजनाओं के तहत मिली सहायता ने उनके कार्य को नई दिशा दी है। इस सहायता से आज समिति द्वारा तीन गुणा अधिक आय अर्जित किया जा रहा हैं। इस समिति में कुल 24 सदस्य हैं, जिनमें 11 महिलाएं और 13 पुरुष शामिल हैं। विगत 20 वर्षों से यह समिति मत्स्य पालन के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है तथा इसके पास 31.59 हेक्टेयर जलाशय और 3.50 हेक्टेयर तालाब का जलक्षेत्र उपलब्ध है, जिसका सुनियोजित उपयोग कर समिति ने प्रगति हासिल की है।
समिति सदस्य बताते है कि उनका जीवन पहले काफी संघर्षपूर्ण था, जहां उनकी आजीविका मुख्य रूप से खेती और मजदूरी पर निर्भर थी। सीमित संसाधनों के कारण उनकी वार्षिक आय लगभग 36 हजार रुपये ही थी, जिससे परिवारों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता था। लेकिन समय के साथ मत्स्य पालन विभाग के मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और योजनाओं से जुड़कर समिति ने मत्स्य पालन को अपनाया और धीरे-धीरे अपनी स्थिति में सुधार लाना शुरू किया। मत्स्य पालन विभाग द्वारा प्रदान किए गए तकनीकी ज्ञान, प्रशिक्षण और विभिन्न योजनाओं उनके कार्य को नई दिशा दी। जाल, आइस बॉक्स, मत्स्य बीज, सीफेक्स, झींगा बीज तथा मोटरसाइकिल अनुदान जैसी सुविधाओं ने उत्पादन क्षमता को बढ़ाने में भूमिका निभाई। विभागीय अधिकारियों के निरंतर प्रोत्साहन और सफल मत्स्य पालकों से मिली प्रेरणा ने समिति के सदस्यों का मनोबल मजबूत किया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
समिति ने पारंपरिक पद्धतियों को छोड़कर आधुनिक तकनीकों को अपनाया, जिसमें मिश्रित मत्स्य पालन, उन्नत बीजों का उपयोग, परिपूरक आहार और वैज्ञानिक तरीके शामिल हैं। इन नवाचारों के परिणामस्वरूप उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जहां पहले लगभग 7 क्विंटल उत्पादन होता था, वहीं अब यह बढ़कर 21 क्विंटल तक पहुंच गया है। इसके साथ ही झींगा पालन को अपनाने से अतिरिक्त आय के नए स्रोत भी विकसित हुए, जिससे कुल आय में तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई और वार्षिक आय लगभग 3 लाख 40 हजार रुपये तक पहुंच गई।
मत्स्य पालन से जुड़े रहने के कारण समिति के सदस्यों के जीवन स्तर में अधिक बदलाव आया है। पहले जहां आर्थिक तंगी के कारण दैनिक जीवन प्रभावित होता था, वहीं अब परिवारों की स्थिति सुदृढ़ हुई है। कच्चे मकानों को पक्के मकानों में परिवर्तित किया गया, सदस्यों ने मोटरसाइकिल जैसी सुविधाएं प्राप्त कीं और नियमित बचत की दिशा में कदम बढ़ाते हुए समिति के नाम से बैंक खाते में राशि जमा करना शुरू किया गया। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी समिति को मजबूती प्रदान की है, जिससे महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिला है।

V V News Vaashvara

जितेंद्र पटेल छत्तीसगढ़ में रहने वाले एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे VV News Vaashvara के प्रशानिक सम्पादक हैं, जहां वे निष्पक्ष और जनहित पत्रकारिता को बढ़ावा देते हैं। पुलिस परिवार कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में, वे पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों की समस्याओं को उजागर कर समाधान के लिए सरकार तक पहुंचाते हैं, साथ ही उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा के लिए कई कार्यक्रम चलाते हैं। सूचना का अधिकार के प्रदेश सचिव के रूप में, जितेंद्र पटेल पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में काम करते हैं, जिससे आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं और अधिकारों की जानकारी मिल सके। वे समाज में जागरूकता फैलाने, भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने और जरूरतमंद लोगों की मदद करने के लिए लगातार सक्रिय रहते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और हर वर्ग की आवाज को मंच देना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन 27 मार्च तक

Mon Mar 23 , 2026
बिलासपुर, 23 मार्च 2026/ जिले के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के ऐसे विद्यार्थी जो पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की पात्रता रखते है, वे 27 मार्च 2026 तक छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाईन आवेदन कर सकते है। इसी प्रकार संस्थाओं द्वारा प्रोपोजल लॉक करने की अंतिम तिथि 29 मार्च 2026 […]

You May Like

advertisement