
आज़मगढ़, संवाददाता। मऊ जिले के घोसी कोतवाली क्षेत्र से मारपीट और फर्जी मुकदमे का आरोप सामने आया है। कलाफनपुर गांव निवासी सुमित्रा चौहान ने आजमगढ़ परिक्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक DIG को शिकायती पत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच और इंसाफ की मांग की है।
सुमित्रा चौहान का आरोप है कि पुरानी रंजिश को लेकर गांव के कुछ लोगों ने उनके साथ उनकी दो नाबालिग बेटियों की लाठी-डंडों और लात-घूंसों से पिटाई की। पीड़िता ने कहा कि घटना के बाद उन्होंने इसकी सूचना घोसी थाने, क्षेत्राधिकारी घोसी और मऊ के पुलिस अधीक्षक को दी, लेकिन उनकी शिकायत पर FIR दर्ज नहीं हुई।
‘उल्टा हम पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया’
प्रार्थना पत्र में सुमित्रा ने आरोप लगाया है कि उल्टा उनके खिलाफ ही अपराध संख्या 100/26 में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। उन्होंने DIG को दिए पत्र में दावा किया है कि घटना का वीडियो साक्ष्य उनके पास मौजूद है, जिसे शिकायत के साथ संलग्न किया गया है। पीड़िता ने कहा, “हमें और मेरी दोनों बेटियों को बहुत मारा गया। थाने में शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अब उल्टा हम पर ही केस डाल दिया। वीडियो सबूत भी है मेरे पास, बस इंसाफ चाहिए।”
समझौते के नाम पर वसूली और धमकी का भी आरोप
महिला ने आरोप लगाया है कि विपक्षी पक्ष समझौते के नाम पर एक लाख रुपये की मांग कर रहा है और लगातार धमकी दे रहा है। उन्होंने DIG से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे की समीक्षा की जाए।
भाजपा नेता ने जताया विरोध
इस मामले में भाजपा नेता श्याम सुंदर चौहान ने पीड़िता का पक्ष लेते हुए कहा कि बेटियों पर हमला और फर्जी केस बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने कहा, “सुमित्रा बहन को न्याय दिलाने के लिए हम पूरी लड़ाई लड़ेंगे। इस मामले में निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो, ये हमारी मांग है।”
पुलिस का बयान नहीं
फिलहाल पुलिस अधिकारियों की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। DIG कार्यालय ने पीड़िता का प्रार्थना पत्र प्राप्त कर लिया है। अब देखना होगा कि मऊ पुलिस इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करती है।


