’पूना पर्रियान : नई उड़ान’ से मिली वेटलिफ्टिंग की प्रेरणा, नजर अब बड़ी प्रतियोगिताओं पर

जिला स्तरीय बस्तर ओलंपिक स्पर्धा में राकेश प्रथम, अब संभागीय प्रतियोगिता में दिखाएंगे दमखम


उत्तर बस्तर कांकेर 04 दिसम्बर 2025/ जिले के दुर्गूकोंदल विकासखंड के ग्राम चिहरो के राकेश कुमार चुरेंद्र ने वेटलिफ्टिंग में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए बस्तर ओलंपिक की जिला स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। 22 वर्षीय राकेश ने बताया कि वेटलिफ्टिंग की प्रेरणा उन्हें जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘पूना पर्रियान : नई उड़ान’ पहल से मिली, जहां कोच श्री रिखीराम साहू से उन्हें उत्कृष्ट प्रशिक्षण मिला। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले राकेश की बस्तर ओलंपिक में सफलता पूरे जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है।
युवा श्री चुरेन्द्र ने बताया कि वे रोजाना सुबह 7 बजे से 9 बजे तक नियमित अभ्यास करते हैं। संसाधनों की कमी के बावजूद राकेश ने दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाते हुए सीमेंट से भरे वजन और लकड़ी के बार के सहारे अपना अभ्यास जारी रखा। इस तरह उन्होंने जिला स्तरीय बस्तर ओलंपिक में 65 किलो वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अपनी सफलता से गौरवान्वित व उत्साहित युवा श्री चुरेन्द्र ने अपने संघर्ष व मेहनत को याद करते हुए बताया कि आर्थिक स्थिति और उपकरणों की कमी ने कई बार मुश्किलें पैदा की, परन्तु उन्होंने हार मानने के बजाय अपने लक्ष्य को साधने की दिशा में हर संभव प्रयास करने में कोई कमी नहीं छोड़ी।
श्री चुरेन्द्र अब जगदलपुर में आयोजित होने वाली संभाग स्तरीय प्रतियोगिता की तैयारी कर रहे हैं, जिसे लेकर वे बेहद उत्साहित हैं। बस्तर ओलंपिक की संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में जीत हासिल करना तथा आगे चलकर राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर चिहरो गांव और कांकेर जिले का नाम रोशन करना अब उनका एकमात्र लक्ष्य बन गया है। वे क्षेत्र के अन्य युवाओं को प्रेरित करते हुए कहते हैं कि अगर लक्ष्य मजबूत और मेहनत सच्ची हो तो साधन की कमी आड़े नहीं आ सकती। श्री राकेश की प्रेरणादायी कहानी बस्तर के युवाओं के लिए संदेश है कि इच्छाशक्ति, कड़ी मेहनत और ईमानदार प्रयास के दम पर बड़े सपने भी पूरे किए जा सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

बस्तर में शांति का नया अध्याय - नक्सल मुक्त इलाकों में वानिकी कार्य बने रोजगार का प्रमुख जरिया

Thu Dec 4 , 2025
जगदलपुर, 04 दिसम्बर 2025/ बस्तर जिले के वे सुदूर क्षेत्र चांदामेटा, मुण्डागढ़, छिन्दगुर और तुलसी डोंगरी जो कभी नक्सल गतिविधियों के गढ़ माने जाते थे, अब विकास और शांति का नया अध्याय लिख रहे हैं। जिन पहाड़ियों और जंगलों में कभी नक्सलियों की ट्रेनिंग हुआ करती थी, वहीं आज वन विभाग […]

You May Like

Breaking News

advertisement