विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान में 3 दिवसीय अखिल भारतीय कार्यगोष्ठी का आयोजन 23 से

वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक

कुरुक्षेत्र, 21 जून : विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान, कुरुक्षेत्र में संस्कृति बोध परियोजना के क्षेत्र संयोजक, प्रांत संयोजक एवं सह संयोजकों की अखिल भारतीय कार्यगोष्ठी का आयोजन 23 से 25 जून तक होगा। यह जानकारी देते हुए विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान के निदेशक डॉ. रामेन्द्र सिंह ने बताया कि कार्यगोष्ठी में हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उड़ीसा, तेलंगाना, असम, केरल, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, तमिलनाडु, गुजरात, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक सहित देश के सभी राज्यों से लगभग 90 प्रतिभागी सहभागिता करेंगे। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय कार्यगोष्ठी के अनेक सत्रों में विद्या मंदिरों की सहभागिता, छात्रों की संस्कृति ज्ञान परीक्षा में उपस्थिति, छात्रों का परिणाम, अन्य विद्यालयों को संस्कृति बोध अभियान से जोड़ना, आचार्यों की परीक्षा, परिणाम, संस्कृति प्रवाह, पुस्तक प्रेषण, प्रश्नपत्र, प्रमाण पत्र, परीक्षा परिणाम, निबंध प्रतियोगिता, चित्र संच का उपयोग सहित संस्कृति बोध परियोजना के अनेक विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। डॉ. रामेन्द्र सिंह ने बताया कि वर्ष 1980 से शुरू हुई संस्कृति ज्ञान परीक्षा जिसमें 30 हजार छात्र सम्मिलित हुए थे, आज यह परीक्षा रूपी पौधा अपनी विशालता की ओर है जिसके अंतर्गत इस वर्ष देशभर के सभी राज्यों सेे लगभग 22 लाख छात्र-छात्राओं ने संस्कृति ज्ञान परीक्षा में सहभागिता की है और भारतीय संस्कृति के अनेक आयामों को जानकर अपना ज्ञानवर्द्धन किया है।
डॉ. रामेन्द्र सिंह।

VV NEWS

राष्ट्रीय कार्यालय रमाकान्त पाण्डेय(गोपालपुरी) संरक्षक/संस्थापक ग्राम व पोस्ट- गोपालपुर (टावर) थाना व तहसील- मेहनगर जिला-आजमगढ़, उत्तर प्रदेश पिंन कोड़-276204 मोबाईल-9838825561,7054825561 हेंड कार्यालय/प्रशासनिक कार्यालय जितेंद्र पटेल (प्रमुख संपादक/प्रशासनिक संपादक) ग्राम व पोस्ट- 495668 थाना व तहसील-जांजगीर जिला-जांजगीर (छत्तीसगढ) पिंन कोड़-495668 मोबाईल-6265564514

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

योग: मन की शुद्धि से मोक्ष तक का मार्ग : प्रियंका सौरभ

Sun Jun 22 , 2025
वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक हिसार : मन ही सब कुछ है – यही योग का मूल मंत्र है। मन की शुद्धि, आत्म- चिंतन और संतुलन से ही जीवन में स्थिरता और शांति आती है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, आत्मा और चेतना को जोड़ने की विद्या है। आज […]

You May Like

advertisement