काम नही तो कुर्सी नही अब जनता हिसाब लेगी : नरेश शर्मा

काम नही तो कुर्सी नही अब जनता हिसाब लेगी : नरेश शर्मा
भारतीय मानवाधिकार महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नरेश शर्मा ने कहा है कि पंजाब में जल्दी नगर पालिका के होने वाले हैं अब की बार मुकेरियां नगर कौंसिल चुनाव मे पहले एमसी रहे है उन्होंने मुकेरियां शहर को स्वच्छता न सफाई व्यवस्था न ही गली-मोहल्लों सड़कों की तरफ ध्यान नहीं दिया गया और स्ट्रीट लाइट चालू है पक्ष नेताओं ने तो ध्यान नहीं दिया और विपक्ष नेताओं ने कोई कमी नहीं छोड़ी इनकी ग़लती है कि उन्होंने जनता के आवाज़ नही उठाया वह भी उतने ही गुनाहगार है ” काम नही तो कुर्सी नही अब जनता हिसाब लेगी ” आज के दौर में राजनीति का मतलब सिर्फ चुनाव जीतना और कुर्सी पर बैठना नही रह गया यह तस्वीर एक बहुत बड़े बदलाव की और इशारा करती है लोकतंत्र की असली ताकत किसी नेता के भाषणों मे नही बल्कि जनता के हाथों मे होती है अक्सर देखा गया है कि चुनाव के समय नेता बड़े-बड़े वादे करते हाथ जोड़ते है और घर-घर जाते है लेकिन जैसे ही जीत हासिल होती है वे जनता की समस्याओं को भूलकर सत्ता के गलियारों में खो जाते है लेकिन अब वक्त आ गया है कि इस रवायत को बदला जाएं
जवाबदेही जरुरी है अगर जनता आपको चुनकर संसद या विधानसभा और नगर कौंसिल भेज सकते है तो काम न करने पर आपको वापस बुलाने का अधिकार भी रखते हैं
कुर्सी कोई विरासत नहीं नेता जनता का सेवक होता है मालिक नही अगर सेवा नही होगी तो कुर्सी भी नहीं रहेगी
राजनीति केवल बातों से नहीं जमीन पर दिखने वाले काम से चलनी चाहिए
यह विचार केवल एक नारा नही बल्कि हर जागरूक नागरिक की आवाज होनी चाहिए हमें ऐसे नेताओं की जरूरत है जो अपनी जिम्मेदारी को समझें और विकास को प्राथमिकता दें अगर सिस्टम में बदलाव चाहिए तो जनता और मीडिया वालों को नेताओं से सवाल पूछना शुरू करना होगा क्योंकि किसी भी राजनीतिक पार्टी का नेता क्यों न हो अगर ईमानदारी से काम नहीं कर सकते है तो ऐसे नेताओं को तुरंत इस्तीफा देकर राजनीतिक से संन्यास ले लेना चाहिए और ऐसे नेताओं को कभी मत चुनो जो जनता को अनदेखा कर देते है




