विश्व मोटापा दिवस: गांव के मुकाबले शहरी लोग ज्यादा मोटापे से पीड़ित

आयुष विवि की पीजी स्कॉलर कर रही शोध, 6 मार्च को लगेगा विशेष कैंप।
कुरुक्षेत्र, (प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी) : देश में लगभग 13.5 करोड़ लोग मोटापे या अधिक वजन की समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र के मुकाबले शहरी क्षेत्र में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि 2050 तक 45 करोड़ से ज्यादा लोग मोटापा से ग्रस्त होंगे। आयुर्वेदिक औषधियों से मोटापा को कैसे नियंत्रण कर सकते हैं ? इसपर श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में शोध किया जा रहा है।
आयुष विवि के आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के कायचिकित्सा विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. नीलम ने बताया कि मोटापा केवल बाहरी स्वरूप से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि यह कई गंभीर बीमारियों की जड़ बन सकता है। बढ़ता वजन हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह (डायबिटीज), फैटी लिवर, थायराइड असंतुलन, जोड़ों के दर्द और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है। असंतुलित आहार, अनियमित दिनचर्या और व्यायाम की कमी मोटापे के प्रमुख कारण हैं। इसलिए मोटापा नियंत्रण के लिए संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और व्यायाम को दैनिक जीवन में शामिल करना अत्यंत आवश्यक है। समय पर भोजन, तैलीय व जंक फूड से परहेज, पर्याप्त नींद, योग- प्राणायाम तथा नियमित शारीरिक गतिविधियां वजन नियंत्रण में सहायक हो सकती हैं।
पीजी स्कॉलर कर रही शोध: डॉ. लांबा।
विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नेहा लांबा ने बताया कि एनएफएचएस के मुताबिक, देश में 44 फीसदी लोग मोटापा से ग्रस्त हैं। आयुर्वेदिक अस्पताल में काय चिकित्सा विभाग की ओपीडी में 30 से 40 फीसदी मरीज मोपाटा के ग्रस्त मिलते हैं। उन्होंने बताया कि आयुर्वेदिक सिद्धांतों पर आधारित औषधि के माध्यम से वजन नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। उनके विभाग की पीजी स्कॉलर डॉ. निशा स्थौल्य (मोटापा) पर शोध कर रही हैं। रोगियों को विशेष आयुर्वेदिक औषधियां दी जा रही हैं। औषधि का सेवन करने वाले रोगियों के वजन में संतुलित कमी, शरीर में हल्कापन और ऊर्जा स्तर में सुधार जैसे सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं।
6 मार्च को आयुर्वेदिक अस्पताल में लगेगा कैंप: डॉ. सिंगला।
आयुर्वेदिक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. राजा सिंगला ने बताया कि कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान के मार्गदर्शन में शुक्रवार 6 मार्च को विश्व मोटापा दिवस के उपलक्ष्य में काय चिकित्सा विभाग द्वारा ओपीडी नंबर-56 में स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया जाएगा। जिसमें डॉ.नेहा लांबा, डॉ. विवेक राणा और डॉ. प्रीति गहलोत की टीम मरीजों के स्वास्थ्य की जांच करेगी।




