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प्रिंटिंग इंडस्ट्री में स्वरोजगार की ओर बढ़ें विद्यार्थी : प्रो. वीरेन्द्र पाल

विद्यार्थियों को इंडस्ट्री के अनुरूप तराशना संस्थान का उद्देश्य : प्रो. महासिंह पूनिया।

थानेसर, प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 17 मार्च : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा दो दिवसीय प्रिंटर्स डे राष्ट्रीय संगोष्ठी (17-18 मार्च) ‘फ्यूचरिस्टिक ट्रेंड्स इन प्रिंटिंग एंड पैकेजिंग’ विषय पर आयोजित की गई।
मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र सिंह पाल ने कहा कि प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग इंडस्ट्री ने विश्व के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने यूरोप में पुनर्जागरण के प्रसार में प्रिंटिंग की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र स्वरोजगार की अपार संभावनाएं प्रदान करता है। विद्यार्थियों को उद्यमिता की ओर बढ़ते हुए स्वयं के साथ दूसरों को भी रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्थान के निदेशक प्रोफेसर महासिंह पूनिया ने स्वागत भाषण में कहा कि संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रिंटिंग इंडस्ट्री के अनुरूप तैयार करना है। उन्होंने कहा कि आज का समय एआई आधारित प्रतिस्पर्धा का है, ऐसे में विद्यार्थियों को तकनीकी व व्यावहारिक ज्ञान से सशक्त बनाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि एनईपी- 2020 के तहत पाठ्यक्रमों को उद्योग की जरूरतों के अनुसार अपडेट किया गया है तथा विभिन्न प्रिंटिंग कंपनियों के साथ एमओयू के माध्यम से प्लेसमेंट के अवसर बढ़े हैं।
विशिष्ट अतिथि एवं प्रबंधन एवं वाणिज्य संकाय के डीन प्रो. मोहिंदर चंद ने कहा कि प्रिंटिंग एंड पैकेजिंग, जनसंचार, मल्टीमीडिया और एनीमेशन जैसे क्षेत्रों में रचनात्मकता के साथ तकनीकी दक्षता आवश्यक है। उन्होंने संगोष्ठी को विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं।
तकनीकी सत्र में गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार के सहायक प्रोफेसर डॉ. संजीव कुमार ने ‘इंकजेट फ्यूचरिस्टिक टेक्नोलॉजी’ विषय पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने प्रिंटिंग इंडस्ट्री के विकास क्रम और वर्तमान में एआई के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को तकनीकी दक्षता के साथ रचनात्मकता बनाए रखने की सलाह दी।
एक्सेल पैक इंटरनेशनल,फरीदाबाद के उद्यमी नीरज कुमार ने विद्यार्थियों को सफल उद्यमी बनने के लिए कम से कम 5-7 वर्षों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने पर जोर दिया। वहीं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रिंटिंग प्रेस के मैनेजर रामेश्वर सैनी ने कहा कि प्रिंटिंग इंडस्ट्री विश्व की प्रमुख इंडस्ट्री में से एक है, जिसमें रोजगार और स्वरोजगार की असीम संभावनाएं हैं।
कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर कंचन शर्मा ने किया, जबकि संगोष्ठी के समन्वयक सचिन वर्मा ने दो दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। तकनीकी सत्र का संचालन राकेश कुमार ने किया तथा क्विज प्रतियोगिता की जानकारी दी। संगोष्ठी के दौरान विद्यार्थियों द्वारा प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग से संबंधित प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसका अवलोकन मुख्य अतिथियों ने किया और विद्यार्थियों की रचनात्मकता की सराहना की।
इस अवसर पर संस्थान की एसोसिएट प्रोफेसर मधुदीप, अस्सिटेंट प्रोफेसर डॉ. आबिद अली, डॉ. अभिनव, अमित जांगड़ा, प्रीति शर्मा, डॉ. तपेश किरण, डॉ. रोशन मस्ताना, डॉ. प्रदीप कुमार, राहुल अरोड़ा, गौरव कुमार, सुनिता, रितु, अर्पणा, मोनिका दुआ, नितिन चावला, सन्नी जांगड़ा, डॉ. सतीश राणा, जितेंद्र रोहिल्ला सहित एवं संस्थान के विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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