शहीद भगत सिंह का मानना था कि आदमी को मारा जा सकता है, उसके विचारों को नहीं : डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र

मातृभूमि सेवा मिशन के संस्थापक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने शहीद संवाद कार्यक्रम में उपस्थित सभी बच्चों, युवाओं एवं वरिष्ठ जनों से नशे के खिलाफ मुहिम चलाने की अपील करते हुए शपथ दिलायी और नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
माँ भारती के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले वीर क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव के शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में मातृभूमि सेवा मिशन एवं राष्ट्र प्रेम मंच द्वारा अमर शहीदों की गाथा: स्वतंत्रता से आत्मनिर्भर भारत की यात्रा विषय पर द्विदिवसीय शहीद संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ।
मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व अर्पण करने वाले स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी सरदार भगत सिंह जी, सुखदेव जी व राजगुरु का भारतवासी सदैव ऋणी रहेंगे।
थानेसर, प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 22 मार्च : देश की आजादी में भगत सिंह का योगदान कौन भूल सकता है। भारत में बच्चा-बच्चा भगत सिंह के बलिदान के बारे में जानता है। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक, भारतीय युवाओं के आदर्श और साहस के प्रतीक भगत सिंह को 23 मार्च 1931 को उन्हें और उनके साथियों राजगुरु और सुखदेव को ब्रिटिश हुकूमत द्वारा फांसी दी गई थी। शहीद भगत सिंह का मानना था कि आदमी को मारा जा सकता है,उसके विचारों को नहीं। यह विचार माँ भारती के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले वीर क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव के शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में मातृभूमि सेवा मिशन एवं राष्ट्र प्रेम मंच द्वारा अमर शहीदों की गाथा: स्वतंत्रता से आत्मनिर्भर भारत की यात्रा विषय पर आयोजित द्विदिवसीय शहीद संवाद कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मिशन के संयोजक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने व्यक्त किए। कार्यक्रम का शुभारंभ मातृभूमि सेवा मिशन के संस्थापक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र, घुमंतू समाज कल्याण संघ दिल्ली के अध्यक्ष कैप्टन सुभाष जोगी, राष्ट्र प्रेम मंच के अध्यक्ष विजय सैनी ने संयुक्त रूप से भारतमाता, शहीद भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन से किया। शहीद संवाद कार्यक्रम में मातृभूमि सेवा मिशन द्वारा समाज के जरूरतमंद बच्चों के लिए संचालित मातृभूमि शिक्षा मंदिर के विद्यार्थियों ने शहीदों के सम्मान में देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की बहुत ही प्रभावी प्रस्तुति दी।
शहीद संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मातृभूमि सेवा मिशन के संस्थापक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने कहा भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू को अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया गया था लेकिन पुलिस ने तीनों को जॉन सॉन्डर्स की हत्या के लिए आरोपित किया। गिरफ्तारी के बाद सॉन्डर्स की हत्या में शामिल होने के आरोप में भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव पर देशद्रोह तथा हत्या का मुकद्दमा चलाया गया और उन्हें मौत की सजा सुनाई। इसी मामले को बाद में लाहौर षड्यंत्र केस के नाम से जाना गया। भगत सिंह और उनके साथियों ने 64 दिनों तक भूख हडताल की।अंग्रेजों ने इन तीनों को तय तारीख से पहले ही फांसी दे दी थी। तीनों को 24 मार्च को फांसी दी जानी था। मगर देश में जनाक्रोश को देखते हुए गुप-चुप तरीके से एक दिन पहले ही फांसी पर लटका दिया गया। पूरी फांसी की प्रक्रिया को गुप्त रखा गया था। ब्रिटिश हुकूमत को उखाड़ फैंकने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले इन तीनों महान् स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को देश सदैव याद रखेगा। वतन के लिए त्याग और बलिदान इनके लिए सर्वोपरि रहा। इनके विचार आज भी देश के करोड़ों युवाओं का मार्गदर्शन करते हैं। मातृभूमि सेवा मिशन के संस्थापक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने शहीद संवाद कार्यक्रम में उपस्थित सभी बच्चों, युवाओं एवं वरिष्ठ जनों से नशे के खिलाफ मुहिम चलाने की अपील करते हुए शपथ दिलायी और नशे से दूर रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अतिविशिष्ट अतिथि घुमंतू समाज कल्याण संघ दिल्ली के अध्यक्ष कैप्टन सुभाष जोगी ने कहा मातृभूमि सेवा मिशन शहीदों के सपनों को साकार करते हुए वास्तविक रूप से राष्ट्र निर्माण के कार्य में समर्पित है। कैप्टन सुभाष जोगी ने कारगिल युद्ध से संबंधित अपने अनुभव भी सांझा किए। कार्यक्रम को बिहोली के सरपंच सुनील कुमार, अमरगढ़ के सरपंच अजय भुक्कल, कर्मयोग सेवा सदन की अध्यक्षा ममता सिरोहा, समाजसेवी ज्ञान चंद गर्ग,बंजारा समाज के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र राठौड़, प्रतापगढ़ के पूर्व सरपंच धर्मपाल सैनी ने बतौर विशिष्ट अतिथि संबोधित करते हुए शहीदों के जीवन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम के संयोजक विजय सैनी एवं आभार ज्ञापन कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल के पूर्व सहायक कुलसचिव यशपाल सनन ने किया। कार्यक्रम में सभी अतिथियों को मातृभूमि सेवा मिशन परिवार की ओर से अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में संजीव सैनी,तरसेम राणा, श्यामलाल नंबरदार सिरसिया, सतीश राणा, रामेश्वर यादव,एडवोकेट गुलशन, एडवोकेट रणजीत,एडवोकेट अमित,संजीव चनारथल,मास्टर बाबूराम सहित अनेक सामाजिक,धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं गणमान्य जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।



