गुरुकुल शिक्षा उत्सव’ का अंतिम दिन : 5वीं और छठी कक्षा हेतु हुई प्रवेश परीक्षा

‘गुरुकुल शिक्षा उत्सव’ का अंतिम दिन : 5वीं और छठी कक्षा हेतु हुई प्रवेश परीक्षा
खेलों में भी शानदार प्रदर्शन करते है गुरुकुल के छात्र : ब्रिगेडियर प्रवीण कुमार।
डॉ. राजेन्द्र विद्यालंकार ने कहा शिक्षा के साथ संस्कार का एकमात्र विकल्प है ‘गुरुकुल’
कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक 22 मार्च : गुजरात के महामहिम राज्यपाल आचार्य देवव्रत के ओजस्वी मार्गदर्शन में चल रहे गुरुकुल गुरुकुल, गुरुकुल नीलोखेड़ी, आर्यकुलम् नीलोखेड़ी और गुरुकुल ज्योतिसर में सत्र 2026-27 हेतु प्रवेश के लिए आयोजित ‘गुरुकुल शिक्षा उत्सव’ के अंतिम दिन कक्षा 5वीं और छठी के लिए हजारों छात्रों ने परीक्षा दी। इस दौरान डॉ. राजेन्द्र विद्यालंकार ने अभिभावकों को सचेत करते हुए कहा कि उक्त चारों गुरुकुलों के अलावा ‘गुरुकुल’ शब्द लिखे किसी अन्य संस्थान से हमारा कोई लेना-देना नहीं है, अतः अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर स्वयं जागरूक व सचेत रहें। उन्होंने कहा कि आचार्यश्री के मार्गदर्शन में चल रहे उक्त गुरुकुलों की बढ़ती लोकप्रियता और यहां के छात्रों की उपलब्धियों को देखकर कई बंद हो चुके शिक्षण संस्थानों ने अपने संस्थानों के नाम के आगे ‘गुरुकुल’ शब्द जोड़ लिया जिससे अभिभावकों को यह भ्रम होता है कि ये तथाकथित गुरुकुल भी माननीय आचार्यश्री के द्वारा ही संचालित हो रहे हैं, जबकि यह कोरा झूठ है।
डॉ. राजेन्द्र विद्यालंकार ने बच्चे के लिए सही शिक्षण संस्थान का चुनाव और बेहतर केरियर आज हर अभिभावक के लिए एक चुनौती बन गया है। अत्यधिक दुलार और बच्चों की जिद के आगे अभिभावक नतमस्तक हैं जिस कारण उनका खानपान, दिनचर्या और व्यवहार पर गलत असर पड़ रहा है। गुरुकुलों में बच्चों की शारीरिक, मानसिक और वैचारिक उन्नति पर कार्य किया जाता है। उन्हें पोषणयुक्त प्राकृतिक आहार, शुद्ध दूध दिया जाता है ताकि वे शारीरिक रूप से मजबूत बनें। दैनिक दिनचर्या ऐसी होती है कि बच्चा पढ़ाई, खेल और योगासन, व्यायाम को पूरा समय दें और थकन से चूर होकर रात को बिस्तर पर जाए। आधुनिक शिक्षा के साथ उन्हें पुरातन वैदिक संस्कारों से जोड़ा जाता है ताकि वे बुढ़ापे में अपने माता-पिता का सहारा बनें और समाज में एक मिसाल कायम करें।
गुरुकुल कुरुक्षेत्र के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. प्रवीण कुमार ने गुरुकुल शिक्षा पद्धति की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे सभी गुरुकुल आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। हजारां सीसीटीवी कैमरों की नजर बच्चे की एक-एक गतिविधि पर होती है। फुटबाल, वॉलीवाल, नेटबाल, चैस, टेबल टेनिस, बॉक्सिंग, मल्लखम्भ, योगासन, शूटिंग, हॉर्स राइडिंग सहित अन्य सभी स्पोर्ट्स का प्रशिक्षण गुरुकुल में उपलब्ध है और यहां के छात्र जिला व राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रतिवर्ष अनेकों पुरस्कार हासिल करते हैं। विद्यालय की बात करें तो सभी कक्षाओं में स्मॉर्ट बॉर्ड,अत्याधुनिक कम्प्यूटर व अन्य लैब, अटल टिंकरिंग लैब छात्रों को नवाचार और तकनीकी शिक्षा हेतु उपलब्ध हैं। बच्चा किस क्षेत्र में अपना केरियर बनाना चाहता है, उसके लिए विश्व स्तरीय केरियर काउंसलिंग, क्रिटिकल थिंकिंग प्रोग्राम के साथ-साथ एनडीए, नीट, आईआईटी, एनआईटी आदि प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु विशेष मार्गदर्शन की पूरी व्यवस्था गुरुकुल कैम्पस में उपलब्ध है। उन्होंने अभिभावकों को आश्वस्त किया कि जिन छात्रों का प्रवेश गुरुकुलों में हुआ है, उनके उज्जवल भविष्य की पूरी जिम्मेदारी गुरुकुल प्रबंधन की है जिसके लिए आचार्य के मार्गदर्शन में उनकी पूरी टीम निष्ठा और ईमानदारी से लगी हुई है।



