पुराणों में लिखी गौरवशाली गाथा को जीवंत करने का काम कर रहा है ज्योतिसर महाभारत अनुभव केन्द्र

महाभारत अनुभव केन्द्र देश का सबसे भव्य और दर्शनीय पर्यटन स्थल के रूप में बनाई पहचान।
अनेकों गणमान्य लोग कर चुके है महाभारत अनुभव केन्द्र का अवलोकन।
युवा आपदा मित्रों ने किया महाभारत अनुभव केन्द्र का भ्रमण।
थानेसर, प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 22 मार्च : गीता स्थली ज्योतिसर में केन्द्र व राज्य सरकार के प्रयासों से 206 करोड़ रूपए की लागत से तैयार किया गया महाभारत अनुभव केन्द्र देश का सबसे भव्य और दर्शनीय पयर्टन स्थल के रूप में एक पहचान बनाई हुई है। इतना ही नहीं यह ज्येातियर महाभारत अनुभव केन्द्र पुराणों में लिखी गई गौरवशाली गाथा को जीवंत करने काम कर रहा है। इस महाभारत अनुभव केन्द्र को देखन के लिए दूर-दराज से देखने के लिए पहुंच रहे हैं। इसी कड़ी में आपदा मित्र ने भी महाभारत अनुभव केन्द्र का भ्रमण किया।
इस महाभारत अनुभव केंद्र का अवलोकन करने का समय रोजाना सुबह 10 बजे से सायं 6 बजे तक रहेगा। अहम पहलू यह है कि इस अनुभव केंद्र में प्रवेश करने वाले अंतिम ग्रुप का समय सायं 3.30 बजे रखा गया है। इस महाभारत अनुभव केंद्र को देखने के लिए भारतीय नागरिक हेतू 200 रुपए प्रति व्यक्ति और विदेशी नागरिकों के लिए 600 रुपए प्रति व्यक्ति टिकट की दर तय की गई है। इस महाभारत अनुभव केंद्र में स्वागत कक्ष, महाकाव्य का सृजन कक्ष, प्राचीन महाभारत, कुरु वंशावली, द्रोपदी स्वयंवर, भगवान श्री कृष्ण का विराट स्वरूप, गीता श्लोक, कृष्ण भूमिका, कुरुक्षेत्र 48 कोस, दशव अवतार आदि कक्ष स्थापित किए गए है। इस अनुभव केंद्र में आधुनिक तकनीकी का प्रयोग किया गया है। इस परियोजना से कुरुक्षेत्र के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को कुरुक्षेत्र 48 कोस के इतिहास के साथ-साथ महाभारत के इतिहास को भी जानने का अवसर मिलेगा।
राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय संख्या-2 में युवा आपदा मित्र योजना के अंतर्गत आयोजित 7 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान युवा आपदा मित्रों ने महाभारत अनुभव केन्द्र का भ्रमण किया। यह महाभारत अनुभव केन्द्र आम नागरिकों को भी अपनी तरफ आकर्षित कर रहा हैं। इस अनुभव केन्द्र में 5 ब्लॉक बनाए गए हैं। हर ब्लॉक में महाभारत को आधुनिक तकनीकी से विशेष एलईडी के माध्यम से दिखाने का प्रयास किया गया है। हर ब्लॉक में 2 से 3 मिनट के चलचित्र चलाएं जाते है। इन चलचित्रों में द्रौपदी स्वयंवर, श्रीकृष्ण अर्जुन के संवाद, भीष्म पितामह के तीरों की शईयां पर जैसे दृर्शयों को दिखाया गया हैं।
इसके अलावा युवा आपदा मित्रों ने झांसा डैम का भी भ्रमण किया और युवा आपदा मित्र द्वारा सीएसएसएसआर के अंतर्गत मलबे में फंसे लोगों की खोज एवं सुरक्षित बचाव के तरीकों की जानकारी देने के साथ-साथ मेडिकल एमरजेंसी रिस्पोंस, मेडिकल फस्र्ट रिस्पोंस से संबंधित महत्वपूर्ण तकनीकों पर जानकारी सांझा की। इसके अलावा इन युवा आपदा मित्रों द्वारा केमिकल, बॉयोलोजिकल, रेडियोलॉजी व न्यूक्लियर जैसी आपदाओं से निपटने के लिए आवश्यक सावधानियों एवं बचाव उपायों के बारे में भी लोगों को जानकारी दी गई है।



