नारी सशक्तिकरण का राष्ट्र व परिवार के विकास की गारंटी- कुलपति


नारी सशक्तिकरण का राष्ट्र व परिवार के विकास की गारंटी,
.. कुलपति
मिशन शक्ति के तहत सुविवि परिसर में एनएसए द्वारा भव्य आयोजन,
आजमगढ़ । महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में “मिशन शक्ति” कार्यक्रम का भव्य आयोजन विश्वविद्यालय परिसर के फैसिलिटी सेंटर में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना एवं कुलगीत के साथ हुई, जिससे पूरे परिसर में एक सांस्कृतिक, प्रेरणादायक और ऊर्जावान वातावरण का संचार हुआ।कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने की मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. वंदना पाण्डेय थी तथा मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. गीता सिंह का स्वागत कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र द्वारा पौधा एवं दुर्गा सप्तशती भेंट कर सम्मानपूर्वक किया गया।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी ने बताया कि कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने अपने सारगर्भित संबोधन में कहा कि नारी का सशक्तिकरण राष्ट्र की महती आवश्यकता है। भारत में महिलाओं को जो सम्मान प्राप्त है, वह विश्व में अद्वितीय है। उन्होंने बताया कि आज महिलाएं राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद तथा प्रशासनिक सेवाओं जैसे उच्च पदों पर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी बेटियां निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने इंदिरा गांधी और कल्पना चावला जैसी महान महिलाओं का उदाहरण देते हुए छात्राओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र ने कहा कि मातृशक्ति हर दृष्टि से पूर्ण है—मानसिक, शारीरिक, भावनात्मक और आर्थिक रूप से। उन्होंने माता जिजाबाई के योगदान को स्मरण करते हुए बताया कि छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे महान व्यक्तित्व के निर्माण में नारी शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि एक सशक्त समाज की नींव नारी शक्ति ही है।
मुख्य वक्ता प्रो. गीता सिंह ने शहीद दिवस के अवसर पर भगत सिंह और राजगुरु को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनसे संबंधित प्रेरणादायक कविताएं प्रस्तुत कीं। उन्होंने कहा कि स्त्री समाज का केंद्र है और पुरुष उसकी परिधि, और दोनों के संतुलन से ही समाज की सुदृढ़ संरचना संभव है।मुख्य अतिथि प्रो. वंदना पाण्डेय ने छात्राओं को सकारात्मक दिशा में अपनी शक्ति का उपयोग करने की प्रेरणा दी। उन्होंने रामायण के प्रसंगों के माध्यम से जीवन के मूल्यों को समझाते हुए “श्री मार्ग” और “प्रेम मार्ग” के अंतर को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सच्ची शिक्षा वही है, जो व्यक्ति को आत्मिक रूप से स्वतंत्र बनाए और जीवन में आदर्श स्थापित करे।
समन्वयक डॉ. देवेंद्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि एनएसएस केवल सामाजिक सेवा ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और नैतिक विकास के लिए भी समर्पित है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सच्चे मन और निष्ठा से किया गया कार्य हमेशा सफलता दिलाता है। उन्होंने समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने, बुजुर्गों की सहायता करने तथा अपने अंतर्मन की आवाज का अनुसरण करने का संदेश दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि 13 से 19 वर्ष की आयु जीवन निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण अवस्था होती है, जिसमें सही दिशा अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर पुलिस आरक्षी नीलम चौहान को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए कुलपति द्वारा सम्मानित किया गया
इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शशि प्रकाश शुक्ल, डॉ. हरेंद्र सिंह प्रजापति, डॉ. मनीषा सिंह, मिशन शक्ति की सदस्य डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. ऋतंभरा एवं कुलपति जी के सहायक भूपेंद्र पांडे हुआ विपिन शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ निधि ने किया।
डॉ. प्रवेश सिंह मीडिया प्रभारी महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ मो. नं.9452 4458 78




