
“घर-घर दस्तक, हर बुखार पर नजर”—अप्रैल अभियान के लिए प्रशासन अलर्ट
कल अपराह्न 3:30 बजे कलेक्ट्रेट सभागार, आजमगढ़ में विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान (अप्रैल 2026) के सफल संचालन हेतु जनपद स्तरीय अंतर्विभागीय टास्क फोर्स की बैठक मुख्य विकास अधिकारी श्री परीक्षित खटाना की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा की उपस्थिति रही।
बैठक में नोडल वेक्टर बॉर्न/डिप्टी सीएमओ डॉ. अविनाश झा, एडिशनल सीएमओ डॉ. उमाशरण पांडेय सहित जनपद के समस्त अधीक्षक/प्रभारी चिकित्साधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य विकास अधिकारी श्री परीक्षित खटाना ने अपने वक्तव्य में कहा कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान एक बहु-विभागीय प्रयास है, जिसमें स्वास्थ्य, नगर निकाय, शिक्षा, पंचायती राज, बाल विकास, कृषि, पशुपालन, दिव्यांग कल्याण एवं सूचना विभागों की सक्रिय सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए साफ-सफाई, जल निकासी, कूड़ा निस्तारण एवं जन-जागरूकता गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से अभियान की मॉनिटरिंग एवं फील्ड स्तर पर नियमित समीक्षा पर बल दिया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने अपने संबोधन में बताया कि अप्रैल माह में संचालित होने वाला यह अभियान जनपद में मच्छर जनित एवं अन्य संचारी रोगों की रोकथाम हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि दस्तक अभियान के अंतर्गत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर बुखार के मरीजों की पहचान, संदिग्ध मामलों की सूचना एवं जनसामान्य को जागरूक करेंगी। साथ ही सभी स्वास्थ्य इकाइयों को दवाओं, जांच सुविधाओं एवं आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
नोडल वेक्टर बॉर्न/डिप्टी सीएमओ डॉ. अविनाश झा ने अपने वक्तव्य में बताया कि वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम हेतु स्रोत नाश (source reduction) पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि एंटी-लार्वा गतिविधियों, फॉगिंग तथा जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी। साथ ही समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने हेतु विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिससे लोग स्वयं भी अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें।
बैठक में हीट वेव (लू) की संभावित स्थिति को देखते हुए विशेष तैयारियों पर भी चर्चा की गई। मुख्य चिकित्साधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी स्वास्थ्य इकाइयों में हीट स्ट्रोक से निपटने हेतु आवश्यक दवाएं, ORS, ठंडे पेयजल की व्यवस्था एवं आरक्षित बेड की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। आमजन को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने एवं लू के लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने दायित्वों का प्रभावी निर्वहन सुनिश्चित करने एवं अभियान को सफल बनाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।


