8वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में अभिनेत्री गुरविंदर गौरी ने बिखेरी चमक

‘उड़ारियां’ को बताया अपने करियर का टर्निंग पॉइंट
थानेसर, प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 27 मार्च : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग द्वारा संस्कृति सोसाइटी फॉर आर्ट एंड कल्चरल डेवलपमेंट, कुरुक्षेत्र के सहयोग से 8वें हरियाणा अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के तीसरे दिन फिल्मी जगत की जानी-मानी अभिनेत्री गुरविंदर गौरी ने अपनी उपस्थिति से समारोह की शोभा बढ़ाई। इस अवसर पर उन्होंने बातचीत करते हुए अपने अभिनय जीवन के अनुभव, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं को साझा किया।
गुरविंदर गौरी ने बताया कि वह पिछले करीब 25 वर्षों से अभिनय के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि उनके अभिनय का सफर थिएटर से शुरू हुआ, जिसके बाद उन्होंने दूरदर्शन और विभिन्न निजी टीवी चैनलों के साथ काम किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत पंजाब से की और धीरे-धीरे संघर्ष व मेहनत के दम पर मुंबई तक का सफर तय किया। उन्होंने कहा कि किसी भी कलाकार की सफलता अचानक नहीं मिलती, बल्कि यह लगातार सीखने और अनुभवों से गुजरने की प्रक्रिया होती है।
अपने करियर के सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव के बारे में बात करते हुए गुरविंदर गौरी ने लोकप्रिय टीवी सीरियल ‘उड़ारियां’ का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस धारावाहिक में निभाया गया ‘गुरप्रीत’ का किरदार उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इस भूमिका ने उन्हें देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि जब वह विदेश जाती हैं तो वहां भी लोग इस किरदार को याद कर उनकी सराहना करते हैं।
अब तक अधिकतर सकारात्मक भूमिकाएं निभाने वाली गुरविंदर गौरी ने अपनी एक विशेष इच्छा भी जाहिर की। उन्होंने कहा, “मैंने अब तक पर्दे पर कई सकारात्मक किरदार निभाए हैं, लेकिन अब मेरी इच्छा है कि मैं कुछ नकारात्मक भूमिकाएं भी करूं। अभिनय के नौ रस होते हैं और एक कलाकार के रूप में मैं उन सभी रसों को पर्दे पर जीवंत करना चाहती हूं।”
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आयोजित 8वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के आयोजन की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यहां का माहौल, छात्रों का उत्साह और मेहमानों का आतिथ्य बेहद प्रभावशाली है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े मंच पर फिल्म जगत के अनुभवी कलाकारों और उभरती प्रतिभाओं के बीच आकर उन्हें बेहद खुशी महसूस हो रही है।




