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18 वर्षीय बाल व्यास चिरंजीव श्री गोपाल भारद्वाज ने मधुर वाणी से कथा सुन भाव विभोर हुए श्रद्धालु।

पलवल,(वरिष्ठ संवाददाता दयाराम वशिष्ठ) 21 अप्रैल : बघौला गांव में मंगलवार को भव्य कलश यात्रा निकालकर श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह की शुरूआत हुई। भजन कीर्तन के बीच गांव की महिलाओं ने कलश सिर पर रखकर भजन कीर्तन करते हुए पूरे गांव की परिक्रमा लगाई। इससे पूरे गांव का माहौल भक्तिमय बना रहा।
वृंदावन धाम से आए बाल व्यास चिरंजीव गोपाल भारद्वाज ने अपनी मधुर वाणी से श्रीमद् भागवत कथा की महिमा का बखान करते हुए श्रोताओं को ज्ञान की गंगा में डुबोए रखा। उन्होंने कहा कि भगवत प्राप्ति जीवन का सार है। 84 लाख योनि भोगने के बाद मनुष्य का जीवन मिलता है। इसलिए इंसान को भगवत प्राप्ति के लिए नित दिन प्रभु का स्मरण करना चाहिए। तभी वह मोह माया के इस जाल से मुक्त हो सकता है।
धार्मिक आस्था और भक्ति से भरे इस कार्यक्रम का आयोजन गांव की पूर्व सरपंच मूर्ति देवी के आर्शीवाद से उनके पुत्र मदन गोपाल उर्फ मन्नी, घनश्याम, लीलंत व दिनेश की ओर से किया गया। समस्त गांव के सहयोग से कथा की शुरूआत जनौली रोड स्थित निवास से कलश यात्रा शुरू करके की गई। परिक्रमा श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर होते हुए वापस मदन गोपाल के निवास तक पहुंची। जहां श्रीमद् भागवत कथा का सुंदर आयोजन किया गया। कथा के दौरान श्रद्धालु ज्ञान की गंगा में डूबे रहे।
परम पूज्य कथा व्यास गुरु श्री कृष्ण चंद ठाकुर का आर्शीवाद मिलने के बाद बाल व्यास चिरंजीव गोपाल भारद्वाज ने 15 वर्ष की उम्र से ही श्रीमद् भागवत कथा करनी शुरू कर दी। सबसे पहले मां यमुना जी को कंचन कथा का स्मरण कराया। इसके बाद अपने पिता कथा व्यास पंडित राजाराम जी के आर्शीवाद से वृंदावन में राधा माधव आश्रम व इसके बाद अनेकों कथा का सुंदर वर्णन किया। कथा के आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि बाल व्यास की कथा का सुंदर वर्णन 21 से शुरू होकर 27 अप्रैल तक चलेगा। कथा शाम 3 बजे से शुरू होकर 6 बजे तक चलेगी।


