पद्म पुरस्कारों के लिए 31 जुलाई तक ऑनलाइन किए जा सकते हैं नामांकन : विश्राम कुमार मीणा

26 जनवरी 2027 को दिए जाने वाले पद्म पुरस्कारों के लिए हरियाणा सरकार ने मांगी सिफारिशें।

कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 21 अप्रैल : उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि हरियाणा सरकार ने पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री सहित प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों की सिफारिशों के लिए नामांकन आमंत्रित किए हैं। सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शुमार इन पुरस्कारों की घोषणा 26 जनवरी, 2027 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाएगी। पद्म पुरस्कारों के लिए सिफारिशें पॉलिटिकल टू डॉट एचआरवाई एट रेट जीमेल डॉट कॉम या एचआरएटीएचईई डॉट सीएसओ एट रेट एचआरवाई डॉट जीओवी डॉट इन पर 10 जून 2026 तक भेजी जानी चाहिए। केन्द्र सरकार द्वारा केवल ऑनलाइन पोर्टल अवार्डर्स डॉट जीओवी डॉट इन के माध्यम से भेजे गए नामांकन या सिफारिशें ही स्वीकार की जाएंगी। इसलिए सिफारिशें उपयुक्त फॉर्मेट में ही भेजी जानी चाहिए।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि इन पुरस्कारों के लिए ऑनलाइन नामांकन/सिफारिशें शुरू हो चुकी हैं और नामांकन की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2026 है। इस समय-सीमा का कड़ाई से पालन किया जाना आवश्यक है, निर्धारित समय-सीमा के बाद प्राप्त किसी भी नामांकन या सिफारिश पर विचार नहीं किया जाएगा। पद्म पुरस्कारों, अर्थात् पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री, को देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार माना जाता है। वर्ष 1954 में शुरू हुए इन पुरस्कारों की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। इन पुरस्कारों का उद्देश्य विशिष्ट कार्य को सम्मानित करना है। ये सम्मान कला, साहित्य एवं शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान एवं इंजीनियरिंग, लोक कार्य, सिविल सेवा, व्यापार एवं उद्योग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण और विशिष्ट उपलब्धियों अथवा सेवाओं के लिए दिए जाते हैं। ये पुरस्कार जाति, व्यवसाय, पद या लिंग के आधार पर बिना किसी भेदभाव के, सभी व्यक्तियों के लिए हैं।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि इन पुरस्कारों के लिए परंपरागत रूप से सभी राज्य सरकार और केंद्र शासित प्रदेशों से तथा अन्य विभिन्न स्रोतों से नामांकन आमंत्रित किए जाते हैं, ताकि व्यापक स्तर पर योग्य व्यक्तियों पर विचार किया जा सके। पद्म पुरस्कारों के लिए सभी नामांकन/सिफारिशें केवल ऑनलाइन माध्यम से राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल अवार्डर्स डॉट जीओवी डॉट इन के जरिए ही स्वीकार की जाएंगी। नामांकन या सिफारिशों में इस पोर्टल पर उपलब्ध निर्धारित प्रारूप में सभी आवश्यक विवरण स्पष्ट रूप से भरते हुए उस व्यक्ति की अपने क्षेत्र में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों या सेवाओं का पूरा विवरण दिया जाना आवश्यक है। किसी व्यक्ति की ऑनलाइन सिफारिश करते समय यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सभी आवश्यक जानकारी सही और पूर्ण रूप से भरी गई हो। ऑनलाइन सिफारिश करने की प्रक्रिया से संबंधित सभी चरण पोर्टल पर उपलब्ध हैं। इन पुरस्कारों से संबंधित अधिनियम और नियमों की प्रति भी वेबसाइट पद्म अवार्ड्स डॉट जीओवी डॉट इन पर उपलब्ध है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि पूर्व में यह देखा गया है कि बड़ी संख्या में व्यक्तियों के नामांकन प्राप्त होने के बावजूद भी कई ऐसे प्रतिभाशाली व्यक्ति रह जाते हैं, जिन्होंने अपने क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया होता है, लेकिन वे विचार से बाहर रह जाते हैं। अक्सर ऐसे लोग इसलिए भी अनदेखे रह जाते हैं क्योंकि वे स्वयं प्रचार या सार्वजनिक पहचान की इच्छा नहीं रखते। इसलिए ऐसे व्यक्तियों की पहचान करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं, जिनकी उत्कृष्टता और उपलब्धियां सम्मानित किए जाने योग्य हैं, और उनके पक्ष में उपयुक्त नामांकन भेजे जाएं। ऐसे योग्य व्यक्तियों को सम्मानित करने से इन पुरस्कारों की गरिमा और प्रतिष्ठा और अधिक बढ़ेगी।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि नामांकन प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए, नामांकनों की पहचान करने, विचार विचार करने और सिफारिशों को अंतिम रूप देने के लिए एक विशेष सर्च कमेटी का गठन किया जा सकता है। नामांकन को अंतिम रूप देते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए कि जिन व्यक्तियों की सिफारिश की जा रही है, वे अपने जीवन भर की उपलब्धियों के आधार पर इन पुरस्कारों के लिए वास्तव में योग्य हों। चयन का मापदंड ‘एक्सीलेंस प्लस’ होना चाहिए और सिफारिश करते समय सर्वोच्च मानकों को अपनाया जाना चाहिए। जिन व्यक्तियों की सिफारिश की जा रही है, उनकी उपलब्धियों में जनसेवा का तत्व होना एक महत्वपूर्ण और वांछनीय पहलू माना जाएगा।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि यह प्रयास किया जाना चाहिए कि पुरस्कार के लिए महिलाओं, समाज के कमजोर वर्गों, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति, दिव्यांगजनों आदि में से भी योग्य एवं प्रभावशाली व्यक्तियों की पहचान की जाए, जो इस सम्मान के पात्र हों। आम तौर पर यह अलंकरण मरणोपरांत प्रदान नहीं किया जाता। फिर भी अत्यंत योग्य मामलों में, यदि सम्मानित किए जाने वाले व्यक्ति का निधन हाल ही में, अर्थात जिस गणतंत्र दिवस पर पुरस्कार घोषित किया जाना प्रस्तावित है उससे एक वर्ष की अवधि के भीतर हुआ हो, तो मरणोपरांत पुरस्कार किया जा सकता है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को पहले कोई पुरस्कार मिल चुका है, उसे पद्म पुरस्कार प्रदान करने पर विचार किया जा सकता है, बशर्ते कि पूर्व पुरस्कार प्राप्त होने के बाद कम से कम पाँच वर्ष का समय बीत चुका हो। हालांकि अत्यंत विशेष मामलों में इस अवधि में ढील भी दी जा सकती है। चिकित्सकों और वैज्ञानिकों को छोडक़र, सरकारी कर्मचारी और सार्वजनिक उपक्रमों में काम करने वाले कर्मचारी पद्म पुरस्कार के लिए पात्र नहीं हैं।

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