
खानपुर कोलियां के रघुबीर इन्सां की पार्थिव देह पर अब होगा चिकित्सीय शोध।
हजारों लोगों ने दी शरीर दानी रघुबीर इन्सां को अंतिम विदाई।
कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक 30 अप्रैल : गुरुवार को जिले के गांव खानपुर कोलियां के 57 वर्षीय रघुबीर इन्सां की मृत्यु के उपरांत उनके शरीर का दान मेडिकल शोध के लिए किया गया है। कुछ दिन पहले बीमारी हुए रघुबीर इन्सां का बुधवार देर रात्रि देहांत हो गया था। उन्होने जीते जी डेरा सच्चा सौदा में शरीरदान के लिए फार्म भरा हुआ था। परिजनों ने उनके संकल्प को पूरा करने का साहस दिखाया और उनके पार्थिक शरीर का दान किया है। अंतिम विदाई के समय खानपुर कोलियां रघुबीर इन्सां अमर रहे के नारों से गूंज रहा था। शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर कमेटी के सेवादारों द्वारा मानव श्रृंखला बनाकर रघुबीर इन्सां को अंतिम विदाई दी। उनके पार्थिव शरीर को फूलों से सजी एम्बुलेंस में मानसा पंजाब के खालसा आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया। इस मौके पर गांव के सरपंच रामकुमार, राजकुमार मेहता, संजीव शर्मा, बलवान, मा. गुरदीप, लाखन इन्सां, बाबा रामदास, रवि इन्सां, बलकार, कीमती लाल, बृजमोहन इन्सां, राकेश अग्रवाल, ओमप्रकाश, मांगेराम, बलराज, संतलाल, बलविन्द्र, राजकुमार बजाज सहित हजारों लोग मौजूद रहे।
शरीरदानी रघुबीर इन्सां के पुत्र ऋतिक इन्सां ने कहा कि उसके पिता कुछ दिनों से बीमार थ। अंतिम समय से पहले वे कई बार कहते थे कि उसके शरीर का दान करना है, ताकि वे भी मानवता के काम आ सकें। इसलिए पूरे परिवार ने डेरा सच्चा सौदा की शिक्षाओं पर अमल करते हुए मरणोपरांत उनके शरीर का दान किया है। वे अपने पीछे पत्नी किरण, बेटियां नेेहा इन्सां व गंगा इन्सां, एक बेटा ऋतिक इन्सां को छोड़ गए हैं।
डेरा सच्चा सौदा के सच्चे नम्र सेवादार राजकुमार मेहता व संजीव शर्मा ने कहा कि मेडिकल के छात्रों के लिए मानव शरीर सबसे बड़ा शिक्षक माना जाता है। रघुबीर इन्सां की इच्छा से परिजनों ने उनके का दान किया है, जोकि अब मेडिकल शोध का हिस्सा बनेगा। मेडिकल कॉलेज में युवा डॉक्टर उनके शरीर पर जटिल सर्जरी का अभ्यास करेंगे। शोधकर्ता मानव शरीर की आंतरिक संरचना और बीमारियों के प्रभावों को बेहतर समझ पाएंगे। मेडिकल विद्यार्थियों को शोध से मिली जानकारी भविष्य में हजारों मरीजों की जान बचाने के काम आएगी।
शरीरदानी रघुबीर इन्सां को अंतिम विदाई देते हुए।


