
जनपद में संचालित दस्तक एवं संचारी रोग नियंत्रण अभियान के अंतर्गत विभागवार मॉनिटरिंग की समीक्षा करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने बताया कि अभियान में अधिकांश विभागों द्वारा अच्छा कार्य किया गया है और जनजागरूकता का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
उन्होंने बताया कि गांवों में साफ-सफाई, नालियों की सफाई और झाड़ियों की कटाई जैसे कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिससे मच्छरजनित रोगों की रोकथाम में मदद मिल रही है। शिक्षा विभाग द्वारा बच्चों को संचारी रोगों और हीटवेव से बचाव के प्रति जागरूक करने का कार्य भी प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में शौचालय उपयोग को लेकर लोगों में अच्छी जागरूकता देखने को मिली है। महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने घर-घर पहुंचकर पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी है, जिससे परिवारों में जागरूकता बढ़ी है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर जाकर इंसेफेलाइटिस, टीबी, मलेरिया, फाइलेरिया सहित अन्य संचारी रोगों से बचाव के बारे में जानकारी दी है। साथ ही बुखार के मामलों में समय से इलाज के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है।
हालांकि शहरी क्षेत्रों में फॉगिंग और एंटी-लार्वा गतिविधियों में अपेक्षित गति नहीं मिलने पर मुख्य चिकित्साधिकारी ने संबंधित विभागों को इसमें तेजी लाने की अपेक्षा की है।
डॉ. वर्मा ने कहा कि अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और चिन्हित कमियों को शीघ्र दूर करें।
उन्होंने आमजन से अपील की कि वे अपने आसपास साफ-सफाई रखें, पानी जमा न होने दें तथा किसी भी प्रकार के बुखार या बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें।


