
सिंगल मदर्स-विधवा महिलाओं के बच्चों और अनाथ बच्चों की प्राइमरी से बारहवीं तक की शिक्षा के लिए किया गया विशेष प्रावधान।
थानेसर,प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 5 मई : शिक्षा के क्षेत्र में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सांसद नवीन जिन्दल द्वारा “नवीन जिन्दल यशस्वी छात्रवृत्ति योजना” का विस्तार किया गया है। अब तक यह योजना मुख्य रूप से 12वीं के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए लागू थी, लेकिन अब विशेष परिस्थितियों में प्राइमरी से लेकर बारहवीं तक के छात्र भी इसका लाभ उठा सकेंगे। अब सांसद नवीन जिन्दल द्वारा, नवीन जिन्दल यशस्वी छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत सिंगल मदर्स-विधवा महिलाओं के बच्चों और अनाथ बच्चों की शिक्षा को सुचारू रूप से चलाने के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। इस योजना के अंतर्गत सिंगल मदर्स-विधवा महिलाओं के बच्चों की स्कूल फीस का 50 फीसदी और अनाथ बच्चों की स्कूल फीस का सौ फीसदी खर्च नवीन जिन्दल फाउंडेशन द्वारा वहन किया जाएगा।
उपरोक्त जानकारी देते हुए संसदीय कार्यालय प्रभारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि पिछले दो वर्षों से नवीन जिन्दल यशस्वी छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से सैकड़ों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इस पहल से अनेक प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिला है। सांसद नवीन जिन्दल के निर्देशानुसार अब इस योजना का विस्तार करते हुए समाज के उन वर्गों को भी शामिल किया गया है, जो विशेष परिस्थितियों के कारण शिक्षा से वंचित रह जाते हैं।
धर्मवीर सिंह ने आगे बताया कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने बताया कि सांसद नवीन जिन्दल का मानना है कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे समाज में स्थायी परिवर्तन लाया जा सकता है और एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है।
उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के इच्छुक छात्र या उनके अभिभावक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए एक सरल और पारदर्शी प्रक्रिया निर्धारित की गई है, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद विद्यार्थियों तक सहायता पहुंचाई जा सके।


