संतुलित उर्वरक उपयोग से स्वस्थ्य मिट्टी, समृद्ध किसान

सुकमा, 07 मई 2026/ कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में सुकमा जिले में कृषि भूमि की घटती उर्वरता, मिट्टी के कटाव, मृदा कार्बन, पोषक तत्वों की कमी तथा जल प्रदुषण, भूमि जैसी समस्याओं के समाधान के लिए 01 जून से 30 जून तक खेती बचाओं अभियान चलाया जा रहा है।
अभियान का उद्देश्य किसानों को रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग के प्रति जागरूक करते हुए प्राकृतिक/जैविक एवं टिकाऊ खेती को बढ़ावा देना है। शासन के निर्देश पर जिले मे ग्राम पंचायत एवं विकासखण्ड स्तर पर कृषक संगोष्ठी, कृषि चौपाल, जनजागरूकता कार्यक्रम तथा प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे है। इन कार्यक्रमों में किसानों को प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग और खाद्य तेलों के क्षेत्र में आत्म निर्भरता से जुड़ी जानकरी दी जा रही है।
रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, जिससे कृषि उत्पादन की स्थिरता पर भी असर पड़ रहा है। अभियान के माध्यम से किसानों को मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक उपयोग जैविक एवं प्राकृतिक खेती, जैव उर्वरक तथा हरी खाद के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अभियान के रूप मे हरी खाद, नील हरित काई, जैव उर्वरक, जैविक खाद और सूक्ष्म पोषक तत्वों के उपयोग के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इस दौरान नियमित बैठके आयोजित की जाएगी, जिससे किसानों को प्राकृतिक टिकाउ और आर्थिक रूप से लाभकारी खेती पद्वतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
अभियान के दौरान कृषि एवं संबंद्ध विभागों की विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी भी किसानों तक पहुंचाई जा रही है तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभदिलाने की पहल की जा रही है। कृषि विभाग मे किसानों से अभियान मे सक्रिय सहभागिता कर भूमि की उर्वरता बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण और दीर्घकालीन कृषि समृद्धि के लिए संतुलित एवं प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की है।


