
सेंट्रल डेस्क संपादक – वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक।
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वृन्दावन, 23 जुलाई : छटीकरा रोड़ स्थित मृदुल वृन्दावन धाम में द भागवत मिशन फाउंडेशन के द्वारा नव-दिवसीय श्रीगुरू पूर्णिमा महोत्सव एवं पूज्य सद्गुरुदेव जन्मोत्सव के तीसरे दिन व्यासपीठ पर आसीन श्रीहरिदासी वैष्णव संप्रदायाचार्य विश्वविख्यात भागवताचार्य आचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी महाराज ने अपनी सुमधुर वाणी के द्वारा देश-विदेश से आए समस्त भक्तों- श्रृद्धालुओं को भगवान के चौबीस अवतारों, समुद्र मंथन, भक्त प्रह्लाद प्रसंग, ध्रुव चरित्र, विदुर प्रसंग, सती चरित्र और नरसिंह अवतार की कथा श्रवण कराई।
श्रद्धेय आचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी महाराज ने भक्ति की महिमा बताते हुए कहा कि प्रभु भक्ति के बिना मानव जीवन अधूरा है।प्रभु की भक्ति अमूर्त है, इसे केवल अनुभव किया जा सकता है। हममें से ज़्यादातर लोग भगवान से प्रार्थना करते हैं कि वे हमारी कुछ इच्छाएँ पूरी करें। क्या इसे भक्ति कहा जा सकता है?
सच्ची भक्ति बिना किसी माँग के भगवान की पूजा करने में है। जैसे एक माँ अपने बच्चे को बिना माँगे खिलाती है, वैसे ही भगवान जो माँ से भी बढ़कर है, हमें वह देगा जिसकी हमें ज़रूरत है। अगर भगवान हमें वह नहीं देते जिसकी हमें चाहत है, तो हमें समझना चाहिए कि हमें इसकी ज़रूरत नहीं है। अगर हम यह समझ जाएँ तो हम मुसीबतों से बाहर निकल जाएँगे और हमारे जीवन से दुख सदैव के लिए दूर हो जाएगा।
व्यास पीठ से आचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी महाराज ने कहा कि ध्रुव जैसा प्रभु भक्त होना अत्यंत कठिन है। उन्होंने अपनी पांच वर्ष की आयु में ही कठोर भगवद साधना करके परमात्मा को प्राप्त किया। इसीलिए हमें भी अपने बच्चों को प्रारंभ से ही प्रभु भक्ति की ओर अग्रसर करना चाहिए।जिससे उनके हृदय में बचपन से ही भागवत धर्म का प्रवेश हो सके।तभी हमारे बच्चे संस्कारवान और कर्तव्यशील बनेंगे।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य यजमान श्रीमती ज्योति अरोड़ा, भारत भूषण अरोड़ा, विशेष सहयोगी यजमान श्रीमती सीमा पाराशर, राजेश पाराशर, सहयोगी यजमान श्रीमती मीनू खनेजा, श्रीमती गायत्री-संजय गोयल, श्रीमती नेहा-चेतन गावरी, श्रीमती सुधा-अनिल अग्रवाल, श्रीमती रश्मि, श्रीमती अंजू वर्मा, श्रीमती ऊषा-वीरेन्द्र माहेश्वरी, रमन पाराशर, नितिन गुप्ता आदि ने श्रीमद्भागवत महापुराण ग्रंथ व व्यासपीठ का पूजन-अर्चन किया।
महोत्सव में प्रख्यात साहित्यकार “यूपी रत्न” डॉ. गोपाल चतुर्वेदी, प्रमुख समाजसेवी दासबिहारी अग्रवाल, आचार्य किशोर कुमार शर्मा, डॉ. राधाकांत शर्मा आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


