
राष्ट्रीय शोक के सम्मान में किसान सभा की ‘आजमगढ़ चलो’ रैली स्थगित, अब 21 जुलाई को होगा प्रदर्शन
आजमगढ़। भारत सरकार द्वारा घोषित राष्ट्रीय शोक के सम्मान में उत्तर प्रदेश किसान सभा द्वारा सोमवार को प्रस्तावित ‘आजमगढ़ चलो’ रैली एवं प्रदर्शन को स्थगित कर दिया गया है। संगठन ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि अब यह ऐतिहासिक कार्यक्रम आगामी 21 जुलाई 2026 को प्रदेश अध्यक्ष इम्तेयाज बेग के नेतृत्व में आयोजित किया जाएगा।
इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रदेश अध्यक्ष इम्तेयाज बेग ने कहा कि राष्ट्रीय शोक के अवसर पर देश की संवेदनाओं के साथ खड़ा होना हम सभी का नैतिक एवं सामाजिक दायित्व है। इसी भावना का आदर करते हुए आज का कार्यक्रम स्थगित करने का फैसला लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रैली भले ही स्थगित हुई हो, लेकिन किसानों के अधिकारों और उनकी न्यायसंगत समस्याओं के समाधान के लिए संगठन का संघर्ष पूरी प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगा। अब आगामी 21 जुलाई को पूरे प्रदेश से भारी संख्या में किसान आजमगढ़ पहुंचेंगे और अपनी लोकतांत्रिक मांगों को शांतिपूर्ण एवं संगठित ढंग से सरकार के समक्ष रखेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष ने अपनी मांगों को दोहराते हुए कहा कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, किसानों की पूर्ण कर्जमाफी, 10 हजार रुपये मासिक वृद्धावस्था पेंशन, सिंचाई के लिए मुफ्त पानी व बिजली देने, गन्ने का दाम 500 रुपये प्रति कुंतल करने, आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा, बाढ़ एवं सूखे की स्थायी व्यवस्था तथा सस्ती दरों पर खाद, बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता जैसी गंभीर मांगों को लेकर किसान सभा का आंदोलन लगातार चलता रहेगा।
उन्होंने किसान सभा के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और आम किसानों से अपील की है कि वे 21 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाली इस ‘आजमगढ़ चलो’ रैली में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर किसानों की आवाज़ को बुलंद करें और कार्यक्रम को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाएं।
इस महत्वपूर्ण बैठक और निर्णय के अवसर पर अध्यक्ष त्रिलोकी नाथ, मंत्री गुलाब मौर्य, जीयालाल, रामनेत, वशीर मास्टर, मंगलदेव, राजेंद्र राम, रामचन्द्रर यादव, अरूण राय, दिनेश पांडेय, रामअवध यादव, खरपत्तू राजभर, मखडू राजभर, सुरेंद्र राम, दयाराम एवं रमाज्ञा यादव सहित संगठन के कई प्रमुख नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


