
लघु सचिवालय व एसडीएम कार्यालयों पर 17 अगस्त तक चलेगी जनसंपर्क विभाग की हर घर तिरंगा प्रदर्शनी।
कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक 9 अगस्त : उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा हमारी पहचान, सम्मान, स्वाभिमान और संकल्प का प्रतीक है। केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा चलाया गया हर घर तिरंगा अभियान अब जन आंदोलन बन गया है। तिरंगा अब केवल सरकारी भवनों तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह हर घर, हर परिवार और हर नागरिक के जीवन से और दिल से जुड़ गया है। हर नागरिक को इस अभियान में जोडऩे के लिए सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की तरफ से हर घर तिरंगा प्रदर्शनी लगाई जा रही है। उन्होंने नागरिकों से प्रदर्शनी में को देखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग द्वारा लघु सचिवालय के साथ-साथ उपमंडल अधिकारी कार्यालय लाडवा, शाहाबाद और पिहोवा में भी हर घर तिरंगा प्रदर्शनी को लगाया जा रहा है। इस प्रदर्शनी में तिरंगा के संबंधित में विस्तृत जानकारी उपलब्ध करवाई गई है, जो नागरिकों के लिए काफी जानकारी मुहैया करवाने वाली होगी।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि प्रदर्शनी में बताया गया कि राष्ट्रीय ध्वज को सूची, पॉलिएस्टर, ऊनी, रेशम या खादी के कपड़े से बनाया जा सकता है। भारतीय राष्ट्रीय ध्वज से संबंधित नियम और कानून फ्लैग कोड के तहत आते हैं। फ्लैग कोड के नियमानुसार राष्ट्रीय ध्वज पर किसी भी प्रकार का कोई अक्षर, शब्द, वाक्य या स्लोगन नहीं लिख सकते हैं। इसी तरह राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा 1907 में डिजाइन किया गया। हमारे ध्वज का मूल डिजाइन पिंगली वेंकैया द्वारा तैयार किया गया था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज के मध्य में बने अशोक चक्र में 24 तीलियां होती हैं। राष्ट्रीय ध्वज को सिर्फ कार के अंदर डैशबोर्ड या विंड स्क्रीन पर ही प्रदर्शित किया जा सकता है। इसी तरह राष्ट्रीय ध्वज को फोल्ड करने के लिए भी नियम तय किया हुआ है।


