
अधिवक्ता संघ मेंहनगर ने किया तहसीलदार न्यायालय का पूर्ण बहिष्कार, स्थानांतरण की मांग
मेंहनगर (आजमगढ़), 23 जून 2026:
तहसील परिसर मेंहनगर में उस समय गतिरोध की स्थिति पैदा हो गई, जब स्थानीय बार एसोसिएशन ने तहसीलदार विवेकानंद के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनके न्यायालय के समस्त न्यायिक कार्यों के पूर्ण बहिष्कार का ऐलान कर दिया। अधिवक्ताओं का आरोप है कि तहसीलदार ने न्यायालय कक्ष में एक वरिष्ठ अधिवक्ता व पूर्व मंत्री के साथ अत्यंत अमर्यादित और गरिमाहीन व्यवहार किया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 22 जून 2026 को अधिवक्ता एवं पूर्व मंत्री श्री शिवानन्द सिंह एक ‘तजबिजसानी प्रार्थना पत्र’ पर नियमानुसार बहस के लिए तहसीलदार महोदय के कार्यालय कक्ष में उपस्थित हुए थे। आरोप है कि प्रार्थना पत्र देखते ही तहसीलदार विवेकानंद उग्र हो गए और तल्ख लहजे में कहा, “न करेंगे, नहीं लेंगे।” जब वरिष्ठ अधिवक्ता ने विनम्रतापूर्वक कानूनी व्यवस्था का हवाला दिया, तो तहसीलदार ने आपा खो दिया और अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा, “भाग जाओ नहीं तो जेल भेजवा दूंगा।”
बार-बेंच में टकराव, अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश
घटना के समय कक्ष में मौजूद अन्य अधिवक्ताओं ने जब तहसीलदार के इस रवैये पर आपत्ति जताई, तो तहसीलदार अपनी सीट से खड़े हो गए और सभी को बाहर चले जाने का ‘तुगलकी फरमान’ सुना दिया। किसी बड़े टकराव को टालने के लिए अधिवक्ता उस समय शांत रहकर बाहर आ गए, लेकिन इस घटना से पूरे अधिवक्ता समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है।
”तहसीलदार का यह स्वेच्छाचारी और अहंकारपूर्ण कृत्य उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1964 के सर्वथा विरुद्ध है। एक लोक सेवक से इस प्रकार के अमर्यादित व्यवहार की अपेक्षा नहीं की जा सकती।”
– अधिवक्ता संघ, मेंहनगर
SDM को सौंपा ज्ञापन, ‘दीर्घ शास्ति’ की मांग
अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों (मंत्री श्याम बिहारी सरोज व अन्य) ने उपजिलाधिकारी (SDM) मेंहनगर को एक औपचारिक पत्र सौंपकर मामले से अवगत कराया है। पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि:
तहसीलदार विवेकानंद के इस दंभपूर्ण कृत्य के लिए उनके विरुद्ध दीर्घ शास्ति (Major Penalty) और दंडात्मक कार्रवाई हेतु जिलाधिकारी (DM) आजमगढ़ को आख्या भेजी जाए।
सुचारू न्यायिक व्यवस्था और क्षेत्र की शांति बनाए रखने के लिए तहसीलदार का तत्काल स्थानांतरण (Transfer) किया जाए।
उनके स्थान पर किसी निष्पक्ष एवं योग्य न्यायिक अधिकारी की नियुक्ति की संस्तुति की जाए।
जब तक तबादला नहीं, तब तक बहिष्कार
अधिवक्ता संघ और तहसील बार एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर घोषणा की है कि जब तक दागी तहसीलदार का यहां से स्थानांतरण नहीं हो जाता, तब तक समस्त अधिवक्ता उनके न्यायालय के कार्यों का पूर्ण बहिष्कार जारी रखेंगे। इस गतिरोध के कारण तहसील में आने वाले वादकारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।


