
मेहनगर (आजमगढ़), 9 जून 2026: सरायभादी गांव में रात के अंधेरे में हो रहे अवैध मिट्टी खनन और मनरेगा में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ मंगलवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। पूर्वांचल किसान यूनियन और सोशलिस्ट किसान सभा के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में मजदूरों व किसानों ने मेहनगर तहसील और ब्लॉक मुख्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उप जिलाधिकारी (SDM) और खंड विकास अधिकारी (BDO) को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।
भ्रष्टाचार का विरोध करने पर किसान नेता को पीटा, ग्रामीणों को दी धमकी
किसान नेताओं का आरोप है कि सरायभादी गांव में रात के समय जेसीबी लगाकर अवैध रूप से मिट्टी का खनन किया जा रहा था, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया। आरोप है कि इस पर कार्रवाई करने के बजाय तरवां थानाध्यक्ष ने भ्रष्ट ग्राम प्रधान, प्रधान पति और पंचायत सहायक से साठगांठ कर ली। शिकायत करने पर थानाध्यक्ष ने किसान नेता हीरालाल यादव को थाने बुलाकर बेरहमी से पीटा, ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ उठने वाली आवाजों को दबाया जा सके।
ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले की शिकायत जिला प्रशासन (DM व SP) से की गई थी, जिसके बाद जांच चल रही है। लेकिन आरोप है कि जांच के बीच ही बीते 6 जून को थानाध्यक्ष तरवां भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और ग्रामीणों को धमकाते हुए कहा कि “खनन होने दो, वरना सबको जेल भेज दूंगा।”
गूंजे नारे: ‘कौन बनाता हिंदुस्तान, भारत का मजदूर-किसान’
तहसील परिसर में प्रदर्शन के दौरान किसानों ने पुलिस प्रशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। “थानाध्यक्ष तरवां को बर्खास्त करो”, “भ्रष्टाचार और वृक्षारोपण घोटाले की जांच करो” के नारों के साथ पूरा परिसर गूंज उठा। किसानों ने बुलंद आवाज में नारा दिया— “कौन बनाता हिंदुस्तान? भारत का मजदूर-किसान!”
3 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो राष्ट्रपति को भेजा जाएगा प्रस्ताव: वीरेंद्र यादव
पूर्वांचल किसान यूनियन के महासचिव वीरेंद्र यादव ने प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए प्रशासन को खुले तौर पर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा:
“यदि 3 दिन के भीतर थानाध्यक्ष तरवां को निलंबित नहीं किया गया और भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच शुरू नहीं हुई, तो सरायभादी गांव में एक विशाल ‘जन पंचायत’ बुलाई जाएगी। इस जन पंचायत में थानाध्यक्ष की बर्खास्तगी का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास कर महामहिम राज्यपाल और महामहिम राष्ट्रपति को भेजा जाएगा।”
किसानों की मुख्य मांगें:
- तरवां थानाध्यक्ष, ग्राम प्रधान, प्रधान पति और पंचायत सहायक पर तत्काल FIR दर्ज कर उन्हें सस्पेंड किया जाए।
- क्षेत्र में हुए अवैध मिट्टी खनन, मनरेगा और वृक्षारोपण घोटाले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
- पीड़ित किसान नेता हीरालाल यादव को न्याय और सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
प्रदर्शन में ये रहे शामिल:
इस मौके पर राजेंद्र यादव, विनोद यादव (एडवोकेट), अवधेश यादव, अनिल गुप्ता, नंदलाल, श्याम सुंदर मौर्य, चंद्रजीत, भोला राजभर, रामचंद्र राजभर, प्रेम राजभर, मुन्नीलाल, रामबचन, इंद्रजीत, बृजेश, अंकित, अमन, महादेव, किरण, धर्मावती, रविंद्र, सुषमा, किस्मती, नीलम समेत बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं और ग्रामीण मौजूद रहे। किसान यूनियन ने साफ कहा है कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।


