बिसाहिन की आजीविका डबरी बनी समृद्धि की नई सीढ़ी

महासमुंद 16 अप्रैल 2026/ जिले के बागबाहरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पहरनादादर की रहने वाली बिसाहिन कभी केवल वर्षा आधारित खेती पर निर्भर थीं। बारिश पर निर्भर इस खेती से उनके परिवार का गुजारा मुश्किल से हो पाता था। सीमित संसाधन और अनिश्चित आय के कारण जीवन संघर्षपूर्ण था, लेकिन वर्ष 2025 में शुरू हुई कृषि तालाब निर्माण योजना ने उनकी जिंदगी की दिशा ही बदल दी। शासन द्वारा तालाब निर्माण के लिए 2 लाख 74 हजार 999 की राशि स्वीकृत की गई, जिसमें से 2 लाख 49 हजार रुपए 613 की लागत से एक सुंदर सीढ़ीनुमा कृषि डबरी का निर्माण किया गया। यह तालाब जल संचयन का एक उत्कृष्ट मॉडल बन गया। लगभग 20×20 मीटर की यह डबरी करीब 894 घन मीटर पानी संग्रहित करने की क्षमता रखती है, जो सूखे के समय में भी उनके लिए वरदान साबित हो रही है। जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 अंतर्गत जिले में 501 आजीविका डबरी का निर्माण किया गया है।

बिसाहिन बताती है कि डबरी में पानी भरते ही उन्होंने पारंपरिक खेती के साथ-साथ मछली पालन की शुरुआत की। पहले जहां वे केवल एक फसल पर निर्भर थीं, अब वे मछली बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित करने लगी हैं। इस नई पहल से उनकी सालाना आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। साथ ही अब वे निजी जल स्रोत होने के कारण रबी की फसलें और सब्जियों की खेती भी आसानी से कर पा रही हैं।
बिसाहिन बताती है कि एक ओर जहां यह सिंचाई का स्थायी साधन बनी, वहीं दूसरी ओर मछली पालन से उन्हें दोहरी आय प्राप्त होने लगी है। इसके साथ ही इससे जुड़ी गतिविधियों जैसे चारा बनाना और जाल बुनना, गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर लेकर आई हैं। बिसाहिन जय सतनाम महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं, जिसका संचालन लोकोस ऐप के माध्यम से किया जाता है। इस समूह से जुड़कर उन्हें कम ब्याज पर ऋण प्राप्त हुआ, जिससे उन्होंने मछली बीज और चारा खरीदा। समूह के माध्यम से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई और सामूहिक विकास का रास्ता भी खुला। अब समूह की अन्य महिलाएं भी बिसाहिन से प्रेरित होकर तालाब के किनारे बड़ी निर्माण और सब्जी उत्पादन जैसे छोटे उद्यम शुरू करने की योजना बना रही हैं। आज बिसाहिन एक साधारण किसान से आगे बढ़कर एक सफल उद्यमी के रूप में पहचान बना चुकी हैं। उनका आत्मविश्वास और मेहनत गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। बिसाहिन खुद कहती हैं कि यह तालाब मेरे लिए केवल एक गड्ढा नहीं, बल्कि मेरे भविष्य की उम्मीद है। अब मुझे पानी के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और मछलियों ने मेरी आय दोगुनी कर दी है। 

V V News Vaashvara

जितेंद्र पटेल छत्तीसगढ़ में रहने वाले एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे VV News Vaashvara के प्रशानिक सम्पादक हैं, जहां वे निष्पक्ष और जनहित पत्रकारिता को बढ़ावा देते हैं। पुलिस परिवार कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में, वे पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों की समस्याओं को उजागर कर समाधान के लिए सरकार तक पहुंचाते हैं, साथ ही उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा के लिए कई कार्यक्रम चलाते हैं। सूचना का अधिकार के प्रदेश सचिव के रूप में, जितेंद्र पटेल पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में काम करते हैं, जिससे आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं और अधिकारों की जानकारी मिल सके। वे समाज में जागरूकता फैलाने, भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने और जरूरतमंद लोगों की मदद करने के लिए लगातार सक्रिय रहते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और हर वर्ग की आवाज को मंच देना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

आईएफसी के माध्यम से महिला किसानों को आजीविका संवर्धन का लाभ

Thu Apr 16 , 2026
कोंडागांव, 16 अप्रैल 2026/ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) अंतर्गत कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अविनाश भोई के निर्देशानुसार तथा जिला मिशन प्रबंधक (एनआरएलएम) श्री विनय सिंह के मार्गदर्शन में विकासखंड कोंडागांव के सूर्याेदय महिला क्लस्टर संगठन, चिपावंड के अंतर्गत 10 ग्राम पंचायतों […]

You May Like

advertisement