
सीएमओ डॉ. एन. आर. वर्मा ने किया स्वास्थ्य सेवाओं का औचक निरीक्षण, आरोग्य मेलों व टीकाकरण की प्रगति परखी
जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं आमजन तक उनकी प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा द्वारा रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला के अंतर्गत विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों एवं ग्रामीण क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान संचारी रोग नियंत्रण अभियान, आरोग्य मेलों की व्यवस्थाओं तथा एचपीवी सहित नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की प्रगति का गहन मूल्यांकन किया गया।
निरीक्षण के क्रम में डॉ. वर्मा ने शाहगढ़ एवं महुआ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित आरोग्य मेलों का जायजा लिया। महुआ में निर्माणाधीन स्वास्थ्य केंद्र के कार्यों की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता के साथ समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सठियाँव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आरोग्य मेले के साथ संचालित टीकाकरण सत्र का भी निरीक्षण किया गया। यहाँ एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान की प्रगति की विशेष रूप से समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की उपस्थिति में दो बालिकाओं का सफलतापूर्वक टीकाकरण भी संपन्न कराया गया।
इसके अतिरिक्त सठियाँव ब्लॉक के समीप स्थित सुदूर ग्रामीण उपकेंद्र केरमा का भ्रमण कर संचारी रोग नियंत्रण अभियान की जमीनी स्थिति का आकलन किया गया। इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर संपर्क, पोस्टर चस्पा करने एवं ‘दस्तक अभियान’ के माध्यम से जन-जागरूकता फैलाने के प्रयासों की सराहना की गई।
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य केंद्र परिसरों में स्वच्छता बनाए रखने हेतु विशेष अभियान चलाकर खरपतवार हटाने एवं पेड़ों की छँटाई कराने के निर्देश भी दिए गए।
भीषण गर्मी एवं संभावित लू के दृष्टिगत उन्होंने सभी स्वास्थ्य कर्मियों को प्रातः एवं सायंकालीन समय में कार्यों को प्राथमिकता से संपादित करने तथा आमजन को बचाव संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही संचारी रोगों से बचाव हेतु सतत स्वास्थ्य शिक्षा एवं ‘दस्तक अभियान’ को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने बताया कि दिनांक 19 अप्रैल 2026 को जनपद के कुल 77 केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले आयोजित किए गए, जिनमें 1877 मरीजों का पंजीकरण कर उन्हें निःशुल्क परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया गया। इन मेलों में 90 चिकित्सकों एवं 294 पैरामेडिकल स्टाफ की सक्रिय भागीदारी रही।
उन्होंने बताया कि विभिन्न रोगों के मरीजों का उपचार किया गया, जिसमें श्वसन संबंधी 169, मधुमेह के 324, गैस्ट्रो के 338 तथा त्वचा रोग के 190 मरीज प्रमुख रूप से शामिल रहे। इसके अतिरिक्त 104 गर्भवती महिलाओं (ANC) की जांच एवं 109 कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक चिकित्सीय सेवाएं प्रदान की गईं।
उन्होंने यह भी अवगत कराया कि 54 गोल्डन कार्ड बनाए गए तथा 33 मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार हेतु रेफर किया गया।
अंत में मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, सुलभता एवं प्रभावशीलता सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए निरंतर निगरानी एवं सुधारात्मक कार्यवाही की जा रही है, ताकि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुँच सकें।


