
“जन आरोग्य मेला में अनुपस्थित मिली चिकित्सक, सीएमओ ने मांगा स्पष्टीकरण”
भीषण गर्मी के बीच स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण, 76 स्वास्थ्य मेलों में 1748 मरीजों का हुआ उपचार
रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला के अंतर्गत मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. एन.आर. वर्मा ने पल्हनी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र महराजपुर तथा बिलरियागंज स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कंधरापुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य मेलों में उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं, दवा वितरण, साफ-सफाई, मरीज पंजीकरण एवं आमजन को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तृत जायजा लिया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र महराजपुर में मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला सुव्यवस्थित पाया गया। वहां चिकित्सकीय सेवाएं संतोषजनक रूप से संचालित मिलीं तथा मरीजों को आवश्यक उपचार एवं दवाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं। निरीक्षण के दौरान चिकित्सक डाॅ. श्वेता मिश्रा विगत चार दिनों से बिना किसी पूर्व सूचना अथवा लिखित अवकाश प्रार्थना पत्र के अनुपस्थित पाई गईं। जानकारी करने पर बताया गया कि वह कोर्ट एविडेंस हेतु गई हुई हैं, किन्तु चिकित्सालय अभिलेखों में इस संबंध में कोई सूचना उपलब्ध नहीं मिली। इस पर मुख्य चिकित्साधिकारी ने संबंधित चिकित्सक से दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित किए जाने की बात कही।
वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कंधरापुर में भी स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से संचालित पाई गईं। मुख्य चिकित्साधिकारी ने वहां उपस्थित स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार बनाए रखने तथा गर्मी के मौसम में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. एन.आर. वर्मा ने बताया कि जनपद में कुल 76 मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेलों का आयोजन किया गया, जहां 76 चिकित्सकों एवं 268 पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती रही। मेलों में कुल 1748 मरीजों का पंजीकरण किया गया, जिनमें 754 पुरुष, 767 महिलाएं एवं 227 बच्चे शामिल रहे।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य मेलों में 306 गैस्ट्रो रोगी, 303 मधुमेह से पीड़ित मरीज, 204 त्वचा रोगी, 140 श्वसन संबंधी रोगी एवं 94 उच्च रक्तचाप के मरीजों का परीक्षण एवं उपचार किया गया। इसके अतिरिक्त 36 लीवर रोगी, 21 एनीमिया पीड़ित मरीज एवं 7 टीबी संभावित मरीज भी चिन्हित किए गए।
सीएमओ ने बताया कि मेलों के दौरान 88 गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच की गई तथा 118 कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर आवश्यक परामर्श एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके अलावा 40 गोल्डन कार्ड बनाए गए तथा कोविड हेल्प डेस्क पर 135 मरीजों की जांच की गई। गंभीर स्थिति वाले 10 मरीजों को बेहतर उपचार हेतु उच्च स्वास्थ्य संस्थानों के लिए रेफर किया गया।
निरीक्षण के दौरान भीषण गर्मी का प्रभाव मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला में आने वाले मरीजों की संख्या पर भी स्पष्ट दिखाई दिया। दोनों स्वास्थ्य केन्द्रों पर अपेक्षाकृत कम मरीज पहुंचे तथा उपस्थित लोग तेज धूप और उमस से परेशान नजर आए। इस पर मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. एन.आर. वर्मा ने लोगों से गर्मी के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने ढीले एवं हल्के कपड़े पहनने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहने, घर से बाहर निकलते समय सिर ढकने तथा अत्यधिक आवश्यकता न होने पर दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला का उद्देश्य आमजन तक बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। इसके लिए सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर चिकित्सकीय सेवाओं की गुणवत्ता, साफ-सफाई, दवा उपलब्धता एवं कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में अनुशासन एवं जवाबदेही अत्यंत आवश्यक है तथा जनहित से जुड़ी सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
(डाॅ. एन.आर. वर्मा)
मुख्य चिकित्साधिकारी
आजमगढ़


