
विश्व शांति जनकल्याण की भावना से विद्वान ब्राह्मणों द्वारा हो रहा गायत्री महायज्ञ का आयोजन।
पिहोवा,प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 27 मई : श्री दक्षिणा काली पीठ मॉडल टाउन में महामंडलेश्वर 1008 स्वामी विद्यागिरि महाराज एवं श्रीमहंत बंसी पुरी महाराज के सानिध्य में सप्त दिवसीय गायत्री महायज्ञ के तीसरे दिन महायज्ञ में संत महात्माओं, यजमानों एवं श्रद्धालुओं ने आहुति डालकर
अपने सुखमय जीवन की कामना की। जानकारी देते हुए पीठ के व्यवस्थापक स्वामी खटवांग पुरी ने बताया कि इस कार्यक्रम में प्रख्यात आचार्य डॉ. अभिषेक कुश सहित अनेक ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्रोंचारण कर विधि विधान से महायज्ञ में आहुति डलवाई। जिसमें दूर दराज से संत महात्माओं एवं यजमानों एवं श्रद्धालुओं ने भाग लिया। 25 मई से पूजन प्रारंभ के साथ गायत्री महायज्ञ आरम्भ हुआ जो कि 31 मई तक चलेगा। महायज्ञ के पश्चात महामंडलेश्वर 1008 स्वामी विद्यागिरि महाराज व श्रीमहंत बंसी पुरी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय ऋषि-मुनियों द्वारा स्थापित यज्ञ परंपरा आज भी समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि महायज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जनकल्याण और विश्व शांति का संदेश देने वाला आध्यात्मिक अभियान है। यज्ञ से वातावरण में शुद्धता आती है और लोगों के मन में सेवा, त्याग एवं मानवता की भावना जागृत होती है। माता गायत्री को वेदों की जननी कहा गया है और उनकी आराधना से व्यक्ति को ज्ञान, बुद्धि और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ती अशांति और नैतिक पतन को रोकने के लिए धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा देना आवश्यक है। महायज्ञ के अंतिम दिन 31 मई पूर्णिमा सोमवार को सप्त दिवसीय गायत्री महायज्ञ का पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे के साथ समापन होगा। इस अवसर पर मां पीतांबरा पीठ बगलामुखी धाम के महंत भीमपुरी, स्वामी महेश पुरी, महंत लक्ष्मी नारायण पुरी, स्वामी धीरज पुरी, स्वामी लखन पुरी, स्वामी निर्भय गिरि, महंत जगन्नाथ पुरी, महंत सर्वेश्वरी गिरि, महंत सत्यानंद पुरी,स्वामी विजय पुरी,स्वामी माधव पुरी, स्वामी आशुतोष पुरी व विपिन काहड़ा, बलराम शर्मा, राजेश गोयल, सरपंच विकल कुमार चौबे, देव पूर्णिमा, बारु राम बंसल, सुशील गुप्ता सहित अनेक गण्यमान्य लोग मौजूद थे।


