
दीपक शर्मा (जिला संवाददाता )
बरेली : स्थित राजेंद्र नगर में बांके बिहारी मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिवस में’ वृंदावन धाम से पधारे आचार्य श्याम बिहारी चतुर्वेदी ने’ श्रीमद् भागवत का महत्व सुनते हुए भक्ति महारानी की कथा को सुनते हुए बताया’ भक्ति महारानी का उत्पत्ति द्रवण देश में हुई’ और वृद्धि कर्नाटक प्रदेश में हुई, कहीं-कहीं महाराष्ट्र में भी भक्ति को सम्मान प्राप्त हुआ’ लेकिन जैसे ही गुजरात प्रदेश में भक्ति पहुंची तो भक्ति जीर्ण हो गई’ उनके दोनों पुत्र ज्ञान और वैराग्य युवा हो गए’ भक्ति महारानी जब कलयुग के वेग को सही नहीं पाई तो’ वृंदावन धाम की तरफ प्रस्थान किया’ वृंदावन पहुंचने बाद वृंदावन में भक्ति युवा हो गई’ लेकिन ज्ञान और वैराग्य बूढ़े हो गए’ नारद जी की कृपा से उन्हें श्रीमद् भागवत की कथा श्रवण कराई’ सनत कुमारों ने इससे ज्ञान और वैराग्य पुनः युवा हो गए’ भक्ति महारानी के कष्ट दूर हुए”यह कथा पुरुषोत्तम मास अधिक मास में कथा चल रही है’ आचार्य जी ने बताया अधिक जो महीना है’ उसमें अधिक पुण्य प्राप्त होता है’ यह महीना 13 महीना कहलाता है ‘ और 32 मास 16 दिन बीतने के बाद यह महीना प्राप्त होता है’ यह महीना वैसे तो मलमास कहलाता क्योंकि इसका कोई स्वामी नही था ‘लेकिन भगवान के सामने यह मलमास जाकर के रोने लगा’ प्रभु सभी लोग मुझको तिरस्कार की भावना से हीन भावना से देख रहे हैं ‘हे प्रभु आप मुझ पर कृपा करिए ‘आप सभी भक्तों के कष्टों को दूर कर सकते हैं’ मुझे भी अनाथ से सनाथ करिए’ तब भगवान श्री कृष्ण ने कहा आज से तुम्हें मेरे नाम से ही लोग जानेंगे’ आज से तुम्हारा नाम पुरुषोत्तम मास कहलाया जाएगा’ इस मास को वरदान दिये’ जो व्यक्ति जितने पुण्य ‘दान’ कथा’ पूजन’ हवन करेगा ‘ उसको लाखों गुना पुण्यों की प्राप्ति होगी’ यदि कोई पाप इस मास में करता है तो पाप भी लाख गुण उसका परिणाम प्राप्त होता है ‘इस महीने को मलमास कहना भगवान की निंदा के समान पाप लगता है ‘इसलिए दान कथा पूजा पाठ अवश्य करे अधिक से अधिक पुण्यों की प्राप्ति होगी’ । इस मौके पर ‘प्रसिद्ध भजन गायक जगदीश भाटिया’ दीपक भाटिया, विनोद खंडेलवाल’ जोगेंद्र सिंह’ सुष्मिता सिंह’ दिनेश जुनेजा , मीडिया प्रभारी पवन कालरा,राकेश कपूर ‘ अन्य श्रोतागण पधारे।


