
उत्तर प्रदेश: ऑपरेशन के बाद महिला की मौत, परिजनों ने डॉक्टर पर लगाया शव गायब करने का गंभीर आरोप
लखनऊ। उत्तर प्रदेश से चिकित्सा लापरवाही और संवेदनहीनता का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक निजी अस्पताल (आर.एन. नंदिनी नर्सिंग होम) में भर्ती महिला की ऑपरेशन के बाद मौत हो गई। इसके बाद परिजनों का आरोप है कि मुख्य डॉक्टर (गुलाब चंद चौहान) और अस्पताल के कर्मचारियों ने बिना सूचना दिए शव को अपनी निजी गाड़ी में लादकर गायब कर दिया। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है और अस्पताल परिसर में भारी आक्रोश का माहौल है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित बेटे ने मीडिया के सामने आकर आपबीती सुनाई। उसने बताया कि उसकी मां को पेट में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने बताया कि महिला का ऑपरेशन करना पड़ेगा, जिसके लिए पहले कल (15 जुलाई) की तारीख तय की गई थी। हालांकि, तय समय पर ऑपरेशन न करके, डॉक्टरों ने आज (16 जुलाई) सुबह बिना परिजनों को स्पष्ट जानकारी दिए महिला को ऑपरेशन थिएटर (OT) में शिफ्ट कर दिया।
परिजनों के गंभीर आरोप:
बिना बताए किया ऑपरेशन: परिजनों का कहना है कि उन्हें बिना सही जानकारी दिए अचानक ऑपरेशन कर दिया गया और स्थिति बिगड़ने पर भी कोई स्पष्ट अपडेट नहीं दिया गया।
निजी वाहन से शव गायब करने का प्रयास: बेटे ने आरोप लगाया कि जब महिला की हालत बेहद गंभीर थी या उनकी मृत्यु हो चुकी थी, तब अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ ने जबरन उन्हें एक प्लास्टिक का वेंटिलेटर पंप लगाकर अपनी निजी गाड़ी में डाल दिया।
परिजनों के साथ धक्का-मुक्की: जब परिवार के सदस्यों ने गाड़ी के साथ जाने की कोशिश की, तो डॉक्टर और उनके सहयोगियों ने पीड़ित परिवार को धक्का देकर पीछे कर दिया और मौके से फरार हो गए।
शव का पता नहीं: परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों ने उन्हें ‘ट्रॉमा सेंटर’ ले जाने की बात कही थी, लेकिन जब वे वहाँ पहुंचे तो उनकी मां का कोई पता नहीं चला। आज सुबह 11 बजे से ही परिवार अपने मरीज के शव को ढूंढने के लिए भटक रहा है।
प्रशासन से न्याय की मांग
घटना के बाद से पीड़ित परिवार बेहद सदमे और गुस्से में है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि:
उनकी मां का शव जल्द से जल्द उन्हें सौंपा जाए।
दोषी डॉक्टर गुलाब चंद चौहान और अस्पताल के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
इस अवैध या लापरवाही से चलाए जा रहे नर्सिंग होम को तुरंत सील (सीज) किया जाए ताकि किसी और परिवार को ऐसा दुख न झेलना पड़े।
इस मामले में अभी तक अस्पताल प्रशासन या डॉक्टर की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

