
आजमगढ़।
डिप्थीरिया (गलघोंटू) काली खाँसी टिटनेस की रोकथाम हेतु शासन के निर्देशानुसार जनपद में 20 से 30 अप्रैल 2026 तक विशेष स्कूल आधारित टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत समस्त विद्यालयों में 5-6 वर्ष बच्चों को डीपीटी (DPT) तथा 10 एवं 16 वर्ष के बच्चों को टीडी (Td) टीका लगाया जाएगा। छूटे हुए बच्चों को भी आच्छादित किया जाएगा।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि यह एक गंभीर संक्रामक रोग है जो गले में झिल्ली बनाकर सांस लेने में कठिनाई पैदा करता है। इसके लक्षणों में बुखार, गले में दर्द व सूजन शामिल हैं ,यह बीमारी संक्रमित व्यक्ति के खांसने-छींकने से फैलती है। समय पर टीकाकरण ही इसका सबसे प्रभावी बचाव है , सीएमओ ने कहा कि अभियान हेतु सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं , अभियान को सफल बनाने हेतु स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के मध्य समन्वय स्थापित कर विद्यालयवार माइक्रोप्लान तैयार किए गए हैं। प्रत्येक टीकाकरण सत्र में 100 से 125 बच्चों को आच्छादित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। टीकाकरण हेतु आवश्यक वैक्सीन, लॉजिस्टिक्स एवं एईएफआई किट की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अब्दुल अजीज़ ने बताया कि डिप्थीरिया काली खाँसी एवं टीटनेस से बचाव के लिए सभी बच्चों का समय पर टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को निर्धारित तिथियों में विद्यालय भेजकर टीकाकरण अवश्य कराएं। साथ ही उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जाएगा तथा प्रशिक्षित टीमें टीकाकरण कार्य को संपादित करेंगी।
सीएमओ ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों का टीकाकरण अवश्य कराएं, ताकि इस गंभीर बीमारी से बचाव सुनिश्चित किया जा सके।
“समय पर टीकाकरण—सुरक्षित बचपन।”
(डॉ. एन.आर. वर्मा)
मुख्य चिकित्साधिकारी
आजमगढ़

