
मेडिकल जांच में कुकर्म की पुष्टि नहीं और ना ही युवक कैंसर से पीड़ित है।
पुलिस कर्मचारियों का लाई डिटेक्टर टेस्ट करवाया गया,सिर्फ मारपीट हुई।
कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक 6 जुलाई : प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक श्री चंद्र मोहन ने बताया कि पुलिस स्टेशन लाडवा में एक शिकायतकर्ता द्वारा पुलिस कर्मचारियों पर आरोप लगाए गए थे कि वह कैंसर से पीड़ित है और उसके साथ पुलिस कर्मचारियों द्वारा मारपीट की गई उसके साथ ही उसके साथ कुकर्म किया गया। उन्होंने बताया कि आरोपी की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया गया तथा डीएसपी निर्मल सिंह के नेतृत्व में एसआईटी का का गठन किया गया। आरोपित कर्मचारियों को निलंबित किया गया। एसआईटी ने 15 दिन में लगभग सारी जांच पूरी कर ली है। उन्होंने कहा कि पूरी जांच सारी साइंटिफिक तरीके से की गई है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दिनांक 17/18 जून की रात को एक युवक द्बारा शराब के नशे में पुलिस नाका पर पुलिस कर्मचारियों के साथ बहसबाजी की थी। जिस कारण युवक को 172 बीएनएसएस के तहत काबू किया गया। आरोपी ने शराब का सेवन किया हुआ था उसके बाद युवक थाने के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरा के कवरेज में रहा। लॉकअप के अंदर भी सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। केवल10 मिनट के लिए लॉकअप से बाहर निकाला गया था जिस दौरान उसके साथ मारपीट की गई क्योंकि युवक शराब के नशे में था। पुलिस कर्मचारियों के साथ बहस से उत्तेजित होकर पुलिस कर्मचारियों ने उसके साथ मारपीट की। उन्होंने कहा कि मारपीट करने के लिए पुलिस कर्मचारियों पर करवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जांच में यह भी बात सामने आई है कि किसी व्यक्ति ने युवक को उकसाया है। यदि ऐसे किसी व्यक्ति की सलिंप्ता पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी करवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि युवक द्वारा लगाए गए संगीन आरोप साबित नहीं हुए हैं। उन्होंने बताया कि युवक कैंसर का पेशेंट नहीं है इस संबंध में पीजीआई से भी वेरीफाई किया गया है और ना ही उसकी कोई कीमोथेरेपी हुई है। उन्होंने बताया कि युवक के साथ कुकर्म की बात भी साबित नहीं हुई है। एसआईटी टीम द्बारा सवैब, कपड़ों आदी की डीएनए जांच करवाई गई लेकिन कुकर्म की पुष्टि नहीं हुई है। इसके अलावा आरोपियों का लाई डिटेक्टर टेस्ट भी करवाया गया जिसमें कुकर्म की बात नहीं आई है। मुदई युवक को भी लाई डिटेक्टर टेस्ट करवाने के लिए कहा गया था लेकिन उसने टेस्ट करवाने से मना कर दिया। उससे पहले युवक ने बोर्ड से मेडिकल करवाने से भी मना किया था। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि डॉक्टरों की ने बताया कि टीम युवक को क्रॉनिक एनल फिशर है जिसके कारण उसे ब्लीडिंग हुई है।
मीडिया से अनुरोध है कि है ख़बरों को संवेदनशीलता के साथ चलाएं
प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मीडिया के कुछ साथियों ने इस न्यूज़ को असंवेदनशीलता के साथ चलाया है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जब किसी पर गंभीर आरोप लगते हैं तो वो आरोपउस व्यक्ति पर नहीं बल्कि पूरे परिवार पर लगते हैं। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आप द्वारा की गई रिपोर्टिंग सोशल मीडिया पर लंबे समय तक रहती है इसलिए ऐसा व्यवहार मत कीजिए। हर किसी के अपनी सोशल लाइफ होती है आप भी थोड़ा जिम्मेदारी के साथ काम कीजिए।


